Kubereshwar Dham Rudraksha Mahotsav: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम एक बार फिर बड़े आयोजन के लिए तैयार है। यहां 14 फरवरी से सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा का शुभारंभ होगा।
यह आयोजन 20 फरवरी तक चलेगा। इसमें देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने व्यापक तैयारियां की हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
इस साल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1.80 लाख वर्ग फीट का एक स्थायी और विशाल पंडाल बनाया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को धूप और अन्य मौसम की परेशानियों से बचाना है।
इसके अलावा, भोजन, पानी और अस्थायी आवास के लिए भी बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति का दावा है कि इस बार रुद्राक्ष वितरण की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया जाएगा ताकि लोगों को लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े।
21 ट्रेनों का ठहराव
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने भी सहयोग किया है। पश्चिम मध्य रेलवे ने सीहोर रेलवे स्टेशन पर 21 ट्रेनों का अस्थायी स्टॉपेज देने का फैसला किया है।
यह ठहराव 13 फरवरी से 21 फरवरी तक प्रभावी रहेगा, ताकि लोग आसानी से कुबेरेश्वर धाम पहुंच सकें। इन ट्रेनों में भोपाल-दाहोद एक्सप्रेस, नर्मदा एक्सप्रेस, भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाड़ियां शामिल हैं।
क्यों खास है कुबेरेश्वर धाम महोत्सव?
कुबेरेश्वर धाम का संचालन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की समिति द्वारा किया जाता है। यहां आयोजित होने वाली शिव महापुराण कथा और रुद्राक्ष वितरण का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि यहां अभिमंत्रित रुद्राक्ष को प्राप्त करने से लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इसी आस्था के चलते हर साल लाखों लोग यहां पहुंचते हैं। प्रशासन और आयोजन समिति की कोशिश है कि इस बार का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहे।










