मध्य प्रदेश

कृषि कार्यों को 10 घंटे बिजली देना राज्य शासन की प्राथमिकता: संजय दुबे

भोपाल। प्रमुख सचिव, ऊर्जा संजय दुबे ने कहा कि राज्य के बिजली वितरण क्षेत्र में वितरण ट्रांसफार्मरों की असफलता की दर का लक्ष्य 5 प्रतिशत रखा जाए। उन स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां वितरण ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो जाते हैं, ऐसे स्थानों का परीक्षण कर तकनीकी सुधार करके वितरण ट्रांसफार्मर फेल होने से रोका जाए ताकि उपभोक्ताओं को विद्युत प्रदाय बाधित नहीं हो। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे एरिया का चयन करें जहां सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां (एटीएण्डसी) अधिक हैं और उनमें कैसे सुधार लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वितरण केन्द्रवार सुधार करें और सुधार के लिए अलग-अलग स्थानों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाकर काम किया जाए। उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने एवं आबादी को 24 घंटे तथा कृषि कार्यों को 10 घंटे विद्युत प्रदाय करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। प्रमुख सचिव, ऊर्जा संजय दुबे शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के कार्यक्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक विकास नरवाल, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक किरण गोपाल, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ऊर्जा विभाग प्रशांत कुमार चतुर्वेदी, उप सचिव ऊर्जा विभाग एस.के.शर्मा, निदेशक (तकनीकी) मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी आर.एस.श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मनोज झंवर, मुख्य महाप्रबंधक एम.पी.पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री राजीव केसकर सहित पूरे प्रदेश के वितरण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता बैठक में उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे ने अधीक्षण अभियंताओ को निर्देशित किया कि मैदानी अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय मुख्य अभियंता तक मैदानी दौरे करें और विद्युत सुधारों पर आवश्यक कदम उठायें। उन्होंने कहा कि यह कदम परिणाम मूलक होने चाहिए और उनके परिणामों से बिलिंग इफिशिएंसी, कलेक्शन इफिशिएंसी, प्रति यूनिट नगद राजस्व वसूली (सीआरपीयू) में सुधार दिखाई देना चाहिए। दुबे ने बैठक में मुरैना, ग्वालियर, छतरपुर, पन्ना, जबलपुर, दतिया, बड़वानी, शाजापुर आदि वृत्तों की माइक्रो लेवल तक समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रति यूनिट नगद राजस्व वसूली (सीआरपीयू) वृद्धि के लिए लक्ष्य और समयावधि भी निर्धारित की ताकि सुधारों के परिणाम जल्दी आ सकें। प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे ने कहा कि बिजली के अवैध उपयोग की रोकथाम के लिए जूनियर इंजीनियर और लाइन स्टॉफ को उन्मुखीकरण (सेन्सीटाइज) किया जाए और मीटरीकरण पर जोर देते हुए कहा कि सभी शासकीय अथवा गैर शासकीय प्रतिष्ठानों को मीटरीकृत देयक प्रतिमाह समय पर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आने वाले मॉनसून को लेकर स्पष्ट किया कि इस बार सामान्य मॉनसून का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने दिया है इसलिए बाढ़ और बारिश को देखते हुए बिजली के वितरण तंत्र का प्रभावी रूप से रख-रखाव कर लिया जाए। रबी सीजन की तैयारियों के संबंध में तीनों वितरण कंपनियों के अधिकारियों से कहा कि वे प्रणाली के उन्नयन और अधोसंरचना के विकास के कार्य, क्षेत्र विशेष के लोड के अनुसार करें तथा ऐसे क्षेत्रां को चिन्हित करें ताकि कृषि उपभोक्ताओं के साथ-साथ बिजली कंपनियों को राजस्व के रूप में फायदा हो। उन्होंने मीटर रीडिंग, बिलिंग और राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

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