MP Weather: मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, 16 जिलों छाया घना कोहरा, 3 जनवरी से फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड

Author Picture
By Abhishek SinghPublished On: January 2, 2026
mp cold

MP Weather: मध्यप्रदेश में नए साल के पहले दिन मौसम ने अलग मिजाज दिखाया। कड़ाके की ठंड से फिलहाल कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया। सुबह से ही 16 जिलों में धुंध छाई रही, जबकि 5 जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रही। शहडोल के कल्याणपुर और प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडे क्षेत्रों में दर्ज किए गए।

मौसम विभाग के अनुसार यह राहत अस्थायी है और 3 जनवरी से ठंड फिर तीखा रूप ले सकती है। गुरुवार को श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में पूरे दिन बादल छाए रहे। दतिया में घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर केवल 50 मीटर रह गई। इसके अलावा खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, दमोह और गुना सहित कई जिलों में भी कोहरे का असर देखने को मिला। आज भी मौसम की स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है, हालांकि ठंड की तीव्रता फिलहाल कम बनी हुई है।

जनवरी में जारी रहेगी कड़ाके की ठंड

इस मौसम में मध्यप्रदेश की सर्दी ने पहले ही पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। नवंबर में 84 वर्षों और दिसंबर में 25 वर्षों के तापमान रिकॉर्ड टूट चुके हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी में भी मौसम का रुख कुछ इसी तरह बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में तापमान माइनस स्तर के करीब पहुंच चुका है, जिसके चलते आने वाले दिनों में शीतलहर, कोल्ड डे और घने कोहरे की स्थिति सामान्य बनी रह सकती है।

कोहरे की मार, रेल यातायात अस्त-व्यस्त

घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश की ओर आने वाली कई ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंच रही हैं। कई रेलगाड़ियां 8 से 10 घंटे तक विलंबित चल रही हैं, जिससे यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

3 से 5 जनवरी तक अलर्ट

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से ठंड का असर और तेज होने की संभावना जताई गई है।