मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत की। छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उपलब्धियों का जिक्र किया और रोजगार के मुद्दे पर महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मध्यप्रदेश अब देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री यादव दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकर लाल सभागार में आयोजित ‘मध्यांचल उत्सव-2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के छात्रों के संगठन ‘मध्यांचल स्टूडेंट एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान सीएम ने प्रवासी छात्रों की एकजुटता की सराहना की।
जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा
छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के भविष्य और करियर को लेकर सरकार का विजन स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता युवाओं को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर में उन्हें नौकरी मांगने वाला (Job Seeker) नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनने की दिशा में सोचना चाहिए।
“मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए युवा दिल्ली में संगठित होकर अध्ययन कर रहे हैं, यह प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। हमारे युवाओं को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनना चाहिए।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
रोजगार के मोर्चे पर प्रदेश की उपलब्धि
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक और रोजगार स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि रोजगार सृजन के मामले में मध्यप्रदेश ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सीएम ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आंकड़ों के लिहाज से मध्यप्रदेश देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में शामिल हो गया है। सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है कि स्थानीय स्तर पर ही युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।
मध्यांचल स्टूडेंट एसोसिएशन की पहल
कार्यक्रम का आयोजन करने वाले मध्यांचल स्टूडेंट एसोसिएशन की भी मुख्यमंत्री ने तारीफ की। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में अपनी जड़ों से जुड़े रहना और एक मंच पर आना सराहनीय है। शंकर लाल सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यहां से निकलकर ये छात्र प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।











