मध्य प्रदेश

लोन किश्त अदायगी में छूट अगस्त बढ़ाए, मालू ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

भोपाल: खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष और आर्थिक मामलों के जानकार गोविन्द मालू ने कहा कि रिजर्व बैंक नें लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही लोन किश्त अदायगी में 3 माह की छूट का ऐलान मार्च माह में किया था, जिसकी अवधि मई में समाप्त हो रही है।

अभी न तो लॉकडाउन खत्म हुआ न ही व्यापार उद्योग शुरू हुए। इसलिए ईएमआई भरने में सभी ऋण धारकों को समस्या है, चाहे वह घरेलू लोन हो या उद्योग का। ऐसे सभी ऋण की अदायगी में और 3 माह का समय देना उचित होगा।

मालू ने इस बाबद एक पत्र वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखकर उनसे अनुरोध किया कि रिजर्व बैंक यह अदायगी की छूट 3 माह तो बढ़ाए ही। साथ ही इस दौरान 3 माह की ब्याज की गणना कर उसे आउटस्टैंडिंग ब्याज की तरह रख उसकी वसूली अगस्त से दिसंबर के मध्य की जाए। इस ब्याज की दर में भी छूट दी जाए जो राहत के लिए जरूरी उपाय होगा। यह राहत बैंक और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कम्पनियों (NBFC) के लिए घोषित की जाए।

अभी पूंजी की तरलता का संकट और उधारी की आवक (क्रेडिट रिकवरी) नहीं है, उत्पादन और विपणन भी बंद होने से लाभ भी नही हो रहा है इसलिए सभी का खजाना खाली है। ऐसे में आर्थिक चक्र को गतिशील करने के लिए यह राहत संजीवनी का काम करेगी।

आपने एमएसएमई सेक्टर के लिए सरकार द्वारा की गई घोषणा का स्वागत किया।मालू ने इस बाबद वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से भी बात कर वित्त मंत्री से चर्चा करने का आग्रह किया।