Kuno National Park : भारत के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाई गई चीता ‘आशा’ ने एक साथ पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षणवादियों में खुशी की लहर है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार, 7 फरवरी को यह जानकारी दी। इन नए मेहमानों के आने के साथ ही भारत में जन्मे चीता शावकों की कुल संख्या अब 24 हो गई है। वहीं, देश में चीतों की कुल आबादी बढ़कर 35 तक पहुंच गई है, जो इस संरक्षण परियोजना के लिए एक उत्साहजनक संकेत है। यह दूसरी बार है जब ‘आशा’ ने कूनो में शावकों को जन्म दिया है।
मंत्री ने दी बधाई, टीम को सराहा
इस बड़ी उपलब्धि पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने खुशी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए गर्व और खुशी का पल बताया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय जमीनी स्तर पर काम कर रहे फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों के समर्पण को दिया।
Kuno has witnessed a moment of pure pride as Aasha gives birth to five healthy cubs, strengthening India’s cheetah conservation journey.
With this, the number of Indian-born cubs rises to 24 and the total cheetah population reaches 35.
This achievement reflects the tireless… pic.twitter.com/rwMFpAtFn8
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 7, 2026
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की अथक मेहनत को दर्शाती है और यह साबित करती है कि मध्य प्रदेश वन्यजीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
‘प्रोजेक्ट चीता’ का बढ़ता कुनबा
भारत में दशकों पहले विलुप्त हो चुके चीतों को फिर से बसाने के लिए ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की गई थी। इसके तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को चरणबद्ध तरीके से कूनो नेशनल पार्क लाया गया था। भारतीय धरती पर यह चीतों का आठवां सफल जन्म है, जो दर्शाता है कि ये जानवर धीरे-धीरे यहां के माहौल में खुद को ढाल रहे हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों का जन्म इस परियोजना की दीर्घकालिक सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कूनो की टीम अब आशा और उसके पांचों शावकों की 24 घंटे गहन निगरानी कर रही है, ताकि उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।











