मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री Kailash Vijayvargiya एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद वे पीथमपुर पहुंचे। वहां एक औद्योगिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राजनीति से रिटायरमेंट की बात कह दी, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
विजयवर्गीय ने शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से भेंट की। यह मुलाकात केरल से आए बीजेपी के पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई। बैठक में विकास कार्यों, जनसेवा और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पीथमपुर में दिया रिटायरमेंट का बयान
भोपाल से लौटने के बाद विजयवर्गीय पीथमपुर में जश इंजीनियरिंग के नए प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अब वे 70 साल के हो चुके हैं और राजनीति से रिटायरमेंट लेने के बारे में सोच रहे हैं।
आज इंदौर में जश इंजीनियरिंग के नवीन प्लांट के उद्घाटन समारोह में सहभागिता की।
इस अवसर पर जश इंजीनियरिंग के संस्थापक एवं मेरे मित्र श्री प्रतीक पटेल जी को शुभकामनाएं प्रेषित की। pic.twitter.com/EVAWaNsw1Z
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) February 14, 2026
विजयवर्गीय ने मजाकिया लहजे में यह भी जोड़ा कि शायद किसी दिन वे इसी कंपनी में कोई पद संभाल लें। उनकी यह टिप्पणी कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच तुरंत चर्चा का विषय बन गई।
राजनीतिक हलकों में मची हलचल
विजयवर्गीय जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता के मुंह से रिटायरमेंट शब्द सुनकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे उनकी नाराजगी या किसी आंतरिक संदेश के रूप में देखा। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान पर खूब चर्चा हुई।
हालांकि, जश इंजीनियरिंग से जुड़े लोगों ने बाद में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मंत्री ने रिटायरमेंट की बात पूरी तरह मजाक में कही थी। उनके मुताबिक इसे गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
विजयवर्गीय का राजनीतिक सफर
कैलाश विजयवर्गीय भाजपा के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से इंदौर की राजनीति में सक्रिय हैं। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में उनकी अहम भूमिका रही है। फिलहाल वे मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
उनकी बेबाक शैली और बयानों को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार भी उनके रिटायरमेंट वाले बयान ने मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजयवर्गीय का यह बयान उनकी सहज शैली का हिस्सा है। अभी उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका जारी रहने के पूरे संकेत हैं। भोपाल में सीएम से मुलाकात और उसके बाद औद्योगिक कार्यक्रम में शिरकत इसी ओर इशारा करती है।











