इंदौर में नर्मदा परियोजना की मुख्य पाइपलाइन में अचानक लीकेज होने से शहर के कई हिस्सों में जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई। नर्मदा प्रथम और द्वितीय चरण की पाइपलाइन में तकनीकी खराबी आने के बाद पंपों को तत्काल बंद करना पड़ा, जिसके कारण कई जलाशयों और टंकियों में पर्याप्त पानी का भंडारण नहीं हो सका। इसके चलते शहर के अनेक क्षेत्रों में पानी की कमी और कम दबाव से जलापूर्ति की स्थिति बन गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बिजलपुर स्थित नर्मदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जलूद क्षेत्र में चल रहे मरम्मत कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों से लीकेज की स्थिति तथा सुधार कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य हो सके। इस अवसर पर अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सुबह मिली लीकेज की सूचना
अधिकारियों के अनुसार 1400 एमएम व्यास की जीआरपी पाइपलाइन में सुबह करीब 6:45 बजे लीकेज का पता चला था। सूचना मिलते ही दोनों चरणों के पंप बंद कर दिए गए और युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
करीब सवा दो बजे मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद नर्मदा प्रथम और द्वितीय चरण के पंपों को दोबारा चालू कर दिया गया है। हालांकि टंकियों में पानी का पर्याप्त भंडारण नहीं हो पाने के कारण आगामी जलापूर्ति प्रभावित रहने की संभावना बनी हुई है।
इन क्षेत्रों में प्रभावित रहेगी जलापूर्ति
पाइपलाइन में आई खराबी के कारण बिलावली और अन्नपूर्णा टंकी क्षेत्र में सीधी जलापूर्ति प्रभावित हुई है। वहीं अगले दिन सुबह होने वाली सप्लाई के लिए भी पर्याप्त पानी संग्रहित नहीं हो पाया।
इसके चलते अन्नपूर्णा, स्कीम नंबर-103, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, द्रविड़ नगर, लोकमान्य नगर, महाराणा क्षेत्र, नरवल, अगरबत्ती क्षेत्र, कुशवाहा मोहल्ला, टिगरिया, बाणगंगा, सुभाष चौक, सदर बाजार, जिंसी हाट, मल्हार आश्रम, गांधी हॉल क्षेत्र और भक्त प्रहलाद नगर सहित कई इलाकों में पानी की कमी या कम दबाव से जलापूर्ति हो सकती है।
टैंकरों से पहुंचाया जाएगा पानी
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी जल संकट की स्थिति बनेगी, वहां नगर निगम के टैंकरों और जलवाहनों के माध्यम से निशुल्क पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
निगम प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जलापूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें और किसी भी क्षेत्र में समस्या आने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।









