भागीरथपुरा में दूषित पानी से डर रहे निवासियों का भरोसा बहाल करने के लिए अधिकारियों ने बस्तियों में जाकर उनके सामने पानी पीकर उसकी सुरक्षा और गुणवत्ता साबित की। शनिवार सुबह कलेक्टर शिवम वर्मा बस्ती पहुंचे और पानी बांट रहे टैंकरों का पानी पिया तथा उसकी गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
सुबह 10 बजे कलेक्टर शिवम वर्मा अफसरों की टीम के साथ बस्ती पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने उनके सामने विभिन्न शिकायतें रखीं, जिनमें खाली प्लॉटों पर कचरा न साफ होना और संकरी गलियों तक पानी के टैंकर का न पहुँच पाना शामिल था। कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि टैंकरों में बड़े पाइप लगाए जाएँ ताकि पानी संकरी गलियों तक पहुँचाया जा सके। इसके साथ ही वे मृतक परिवारों से भी मिले और उन्हें सांत्वना दी।
इंदौर में दूषित पानी से अब तक 15 मौतें दर्ज
कलेक्टर ने निवासियों से कहा कि फिलहाल वे नर्मदा लाइन या बोरिंग के पानी के बजाय टैंकरों से वितरित किए जा रहे पानी का ही उपयोग करें। वे लगभग एक घंटे तक बस्ती में रुके। उल्लेखनीय है कि इंदौर में अब तक दूषित पानी के सेवन से 15 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।
अस्पतालों में 300 मरीज भर्ती, 25 आईसीयू में
अभी भी अस्पतालों में 300 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 25 मरीज आईसीयू में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने रिंग सर्वे शुरू कर दिया है, जिसके तहत हॉटस्पॉट बने घरों के आसपास के 50 घरों का सर्वे किया जा रहा है। शनिवार को पूरी बस्ती में 60 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की गई। नगर निगम के अधिकारी अन्य चैंबरों की जांच कर रिसाव की तलाश कर रहे हैं, और अब तक 800 से अधिक चैंबरों की जांच पूरी की जा चुकी है।









