कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी 17 जनवरी को मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का दौरा करेंगे। वे यहां भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की त्रासदी में जान गंवाने वाले 23 लोगों के परिवारों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त करेंगे।
पिछले कुछ समय से इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कथित तौर पर पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिलने से लोग बीमार पड़ रहे थे, जिसके चलते अब तक 23 मौतें हो चुकी हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार पर हमलावर है और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदेशभर में सामूहिक उपवास की तैयारी
कांग्रेस ने इस विरोध को और व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक, जिस दिन राहुल गांधी इंदौर में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, उसी दिन यानी 17 जनवरी को पार्टी पूरे मध्य प्रदेश के हर ब्लॉक स्तर पर एक दिवसीय सामूहिक उपवास का कार्यक्रम आयोजित कर सकती है। इस कदम को सरकार पर दबाव बनाने और इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी का यह दौरा इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर भी उजागर कर सकता है।
11 जनवरी को निकली ‘न्याय यात्रा’
राहुल गांधी के दौरे से पहले, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए 11 जनवरी को इंदौर में एक ‘न्याय यात्रा’ का आयोजन किया था। इस यात्रा में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। न्याय यात्रा में हजारों की संख्या में लोग भी शामिल हुए थे। लंबे आरसे के बाद कांग्रेस इंदौर में कुछ करती दिखाई दी थी। ऐसा माना जा रहा है कि न्याय यात्रा के सफल आयोजन के बाद प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को ओर बैकफुट में दखलने के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इंदौर में भागीरथपुरा जल कांड के पीड़ितों के परिवारों से मिलने बुला लिया है।











