नई दिल्ली : जाने माने मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. समीर पारीख और कामना छिब्बर ने अलोन इन द क्राउड : ओवरकमिंग लोनलीनैस ऑफ अर्बन लिविंग को प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक ऐसे समय में आयी है जबकि शहरों में जिंदगियां पहले से ज्यादा तन्हा हुई हैं और इस अकेलेपन को अब गहराई से महसूस भी किया जा रहा है। खासतौर से कोविड के बाद यह अकेलापन बढ़ा है जबकि लोग अपने अपने घरों में सिमट गए हैं।
यह पुस्तक उन कारणों और समस्याओं की भी गहराई से पड़ताल करती है जिनकी वजह से अकेलापन बढ़ रहा है और इस पहलू पर भी रोशनी डालती है कि यह अकेलापन लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी खुशहाली पर किस प्रकार असर डाल रहा है। पुस्तक में इस गंभीर मसले से निपटने के लिए अपनायी जाने वाली रणनीति के बारे में भी बताया गया है।
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पुस्तक का अनावरण करते हुए डॉ. आशुतोष रघुवंशी मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेश फोर्टिस हैल्थकेयर ने कहा आज के दौर में खासतौर से महामारी के काल में हमने महसूस किया कि अकेलेपन के काफी नकारात्मक प्रभाव होते हैं और यह मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।
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व्यक्तियों और समुदायों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह समाज में सिर उठा रही इस समस्या को ठीक से समझें और इसका मूल्यांकन करें तथा यह भी जानें कि इससे प्रभावी तरीके से निपटने के लिए लोगों को क्या उपाय करने चाहिए। डॉ. समीर पारीख ने हाल के वर्षों में कई पुस्तकें प्रस्तुत की हैं जो बच्चों तथा वयस्कों में मानसिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली को प्रोत्साहित करने वाली हैं।