भागीरथपुरा जलकांड मामले की जांच हुई पूरी, दूषित पानी ही बना 14 मौतों का कारण, प्रशासन ने किया स्वीकार

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By Abhishek SinghPublished On: January 6, 2026
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इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने 14 लोगों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें 14 मृतकों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि दो मामलों को सूची में शामिल नहीं किया गया है। इससे पहले विभिन्न संस्थाओं के सर्वे में 16 मौतों का दावा किया गया था, जिसके चलते प्रशासन और सरकार के आंकड़ों में अंतर सामने आया था।

अब जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि गंदे पानी के कारण 14 लोगों की जान गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि अभी भी कई अस्पतालों में गंभीर हालत में मरीजों का इलाज जारी है। सोमवार को एक और व्यक्ति की मौत होने के बाद संस्थाओं की सूची के अनुसार यह आंकड़ा 17 तक पहुंच गया है। इस नवीनतम मौत के कारणों की भी जांच समिति दस्तावेजों के आधार पर समीक्षा करेगी और यदि जल संक्रमण को कारण माना गया, तो इसे भी सरकारी आंकड़ों में शामिल किया जाएगा।

5 महीने के अव्यान की भी ही मौत

जांच समिति ने पांच माह के अव्यान का नाम भी मृतकों की सूची में शामिल कर लिया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने यह सवाल उठाया था कि इतनी कम उम्र के बच्चे में जल संक्रमण कैसे हुआ, जिसे जांच का विषय बताया गया था। हालांकि बाद में मां के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर अव्यान के मामले को भी सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

इस आधार पर हुई पुष्टि

जांच समिति ने मृतकों की मेडिकल हिस्ट्री की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही प्रारंभिक उपचार करने वाले चिकित्सकों से चर्चा की गई और उनके द्वारा जारी किए गए प्रिस्क्रिप्शन भी एकत्र किए गए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि मरीज की मौत जल संक्रमण के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

अभी और बढ़ सकते हैं आंकड़े

अधिकारियों के अनुसार कई गंभीर मरीज अब भी आईसीयू में भर्ती हैं। यदि आगे किसी मरीज की मृत्यु होती है, तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसका नाम भी सूची में जोड़ा जाएगा। हालांकि प्रशासन का दावा है कि हालात फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में हैं और मौतों के आंकड़े में बड़ी बढ़ोतरी की आशंका कम है।

दो मौतें जल संक्रमण से संबंधित नहीं

सूची में दो व्यक्तियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं, क्योंकि उनकी मृत्यु के पीछे जल संक्रमण का कोई प्रमाण नहीं मिला। जांच समिति के अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत मस्तिष्क में चोट लगने के कारण हुई थी, जबकि दूसरे व्यक्ति को कई पुरानी बीमारियां थीं और उसका उपचार पहले से जारी था।