Indore Western Bypass : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के बहुप्रतीक्षित पश्चिमी बायपास (Western Bypass) का निर्माण कार्य अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने काम शुरू कर दिया है।
इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण चरण था। ताजा जानकारी के अनुसार, एनएचएआइ को परियोजना के लिए आवश्यक 80 प्रतिशत जमीन का कब्जा मिल चुका है। जमीन का पजेशन मिलते ही निर्माण एजेंसी ने मौके पर काम शुरू कर दिया है। सड़क निर्माण के साथ-साथ पुल और पुलिया बनाने का काम भी समानांतर रूप से चल रहा है।
पीथमपुर-देपालपुर क्षेत्र
यह बायपास कुल 64 किलोमीटर लंबा है, जो पीथमपुर और देपालपुर क्षेत्र को कवर करेगा। इस पूरे रूट पर निर्माण गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि जैसे-जैसे जमीन मिलती जाए, निर्माण कार्य को बिना किसी देरी के आगे बढ़ाया जाए। इस सड़क के बनने से भारी वाहनों को शहर के भीतर से नहीं गुजरना पड़ेगा।
इन गांवों में चल रहा है काम
पश्चिमी बायपास के निर्माण के लिए चिन्हित किए गए गांवों में मशीनरी और श्रमिकों की उपस्थिति दिखने लगी है। फिलहाल रोलाई, बड़ोदिया पंथ, करडिया, पालदी और मिर्जापुर में काम चल रहा है। इन स्थानों पर मिट्टी के काम और लेवलिंग के साथ स्ट्रक्चर खड़े करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से इंदौर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा।











