इंदौर ग्रामीण पुलिस ने 26 मार्च 2026 को किशनगंज थाना क्षेत्र में ‘उम्मीद – एक सुरक्षित कल की ओर’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। थाना क्षेत्र स्थित वल्लभा गार्डन में आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक उत्थान सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में लगभग 250 से 300 बालिकाओं, उनके परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें से अधिकांश गरीब और मजदूर वर्ग से संबंधित थे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने बालिकाओं की सुरक्षा व सहायता के लिए एक उम्मीद हेल्पलाइन नंबर 7701048800 भी जारी किया।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक इंदौर (ग्रामीण) यांगचेन डोलकर भूटिया के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश कुमार द्विवेदी, उप पुलिस अधीक्षक उमाकांत चौधरी और एसडीओपी महू ललित सिंह सिकरवार ने भी इस आयोजन को अपना मार्गदर्शन प्रदान किया। किशनगंज थाना पुलिस ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की और इसे सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया उपस्थित रहीं। उनके साथ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र पंड्या, काउंसलर डॉली डिसूजा, चाइल्ड काउंसलर वानी झासीवाले, रचना जौहरी, अभिषेक शिक्षा एवं कई अन्य समाजसेवी मौजूद थे। अनुविभागीय अधिकारी महू, विभिन्न थाना प्रभारीगण और आईटीआई ट्रेनिंग कॉलेज किशनगंज के अधिकारी भी इस पहल का हिस्सा बने, जिससे इसकी व्यापकता और प्रभावशीलता बढ़ी।
कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य
‘उम्मीद’ कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। इसका प्राथमिक लक्ष्य उनका मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास सुनिश्चित करना था। बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मविश्वास के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाया गया। काउंसलिंग सत्रों के जरिए उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को सुना गया और समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन दिया गया।
पुलिस और समाज के बीच विश्वास तथा संवाद स्थापित करना भी इस कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य था। बालिकाओं को शिक्षा, कौशल विकास और पारिवारिक मुद्दों पर आवश्यक सलाह दी गई। उन्हें सकारात्मक सोच रखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने ‘हम आपके साथ हैं’ का स्पष्ट संदेश दिया, जिससे बच्चों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।
संवाद और सुरक्षा
कार्यक्रम के दौरान, बालिकाओं से व्यक्तिगत और समूह में संवाद स्थापित किया गया। उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया और उनके निराकरण के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी ने एक सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण तैयार किया। इस दौरान बालिकाओं की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि वे बेझिझक अपनी बात रख सकें और अपनी समस्याओं को साझा कर सकें।
“आज हमने न केवल बालिकाओं से संवाद स्थापित किया, बल्कि उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए उम्मीद हेल्पलाइन नंबर 7701048800 भी जारी किया है। किसी भी समस्या या आवश्यकता की स्थिति में बालिकाएं एवं उनके परिजन इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इंदौर (ग्रामीण) पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है।” — पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया
इंदौर ग्रामीण पुलिस और बाल कल्याण समिति की इस संयुक्त पहल ने बच्चों में जागरूकता बढ़ाई है। इसका लक्ष्य उन्हें सुरक्षित और सशक्त भविष्य की ओर प्रेरित करना है, ताकि वे बिना किसी डर के अपने जीवन में आगे बढ़ सकें और समाज में अपनी पहचान बना सकें।











