इंदौर निगम कमिश्नर बने Kshitij Singhal, गंदा पानी बनेगा चुनौती

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By Raj RathorePublished On: January 3, 2026
Kshitij Singhal

Kshitij Singhal : इंदौर में दूषित जल आपूर्ति के गंभीर मामले को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को उनके पद से हटा दिया गया है। इस फैसले को शहर में हाल ही में सामने आए गंदे पानी की समस्या और उससे उपजे जन आक्रोश से जोड़कर देखा जा रहा है।

राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से नए आदेश जारी करते हुए 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया कमिश्नर नियुक्त किया है। क्षितिज सिंघल इससे पहले सागर नगर निगम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल में प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत थे।

प्रशासनिक कसावट की कवायद

मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने पर जोर दे रहे हैं। इंदौर, जो स्वच्छता में देश भर में अव्वल रहता है, वहां दूषित जल की शिकायतों का आना सरकार के लिए चिंता का विषय था। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नेतृत्व परिवर्तन का निर्णय लिया है ताकि निगम के कामकाज में सुधार लाया जा सके।

दिलीप कुमार यादव का कार्यकाल

दिलीप कुमार यादव ने इंदौर नगर निगम कमिश्नर के रूप में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया। हालांकि, पिछले कुछ समय से शहर के कुछ इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई और सीवेज मिक्सिंग की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इन शिकायतों के समाधान में देरी और जनता की नाराजगी को देखते हुए यह बदलाव आवश्यक माना जा रहा था। अब उन्हें सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है।

क्षितिज सिंघल के सामने चुनौतियां

नए कमिश्नर क्षितिज सिंघल के सामने अब इंदौर की स्वच्छता रैंकिंग को बरकरार रखने के साथ-साथ जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने की बड़ी चुनौती होगी। मानसून से पहले शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करना और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि नए नेतृत्व में निगम की कार्यप्रणाली में तेजी और पारदर्शिता आएगी।