समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा ने मंगलवार को लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी पहुंचकर औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली, तौल, पंजीयन और भुगतान प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही मंडी में मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और अनुभव भी जाने।
सीएम के निर्देश पर सख्त मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जिले में खरीदी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि इंदौर जिले में कुल 90 खरीदी केंद्र संचालित हैं, जिनमें लक्ष्मीबाई नगर मंडी में फिलहाल दो केंद्र सक्रिय हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं, जिस पर कलेक्टर ने संतोष जताया। किसानों ने भी प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उन्हें किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
कलेक्टर ने मंडी में पेयजल, कैंटीन और किसान विश्राम गृह जैसी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और इन्हें और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
किसानों के साथ किया भोजन
निरीक्षण के दौरान एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली, जब कलेक्टर शिवम वर्मा किसानों के साथ मंडी की कैंटीन में बैठकर भोजन करते नजर आए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता को संतोषजनक बताया और कहा कि किसानों की सुविधा और सम्मान प्रशासन की प्राथमिकता है।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।










