इंदौर में 9 हजार सफाईकर्मियों के घर होंगे सोलर ऊर्जा से रोशन, 270 करोड़ रुपए की होगी बचत

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By Raj RathorePublished On: April 19, 2026
Indore Solar Panel

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के 9 हजार सफाईकर्मी परिवारों के घरों को अगले माह से सौर ऊर्जा प्रणाली से रोशन किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य इन परिवारों के बिजली बिलों में कमी लाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

इस पहल के लिए इंदौर नगर निगम (आईएमसी) और यूनिटी ऑफ नेशनल एक्शन फॉर क्लाइमेट चेंज काउंसिल (यूएनएसीसी) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परियोजना ‘सस्टेनेबल लिविंग सिटी प्रोग्राम’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य इंदौर को भारत का पहला नेट-ज़ीरो और सोलर सिटी बनाना है।

काउंसिल के पदाधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से अगले 25 वर्षों में सभी 9 हजार परिवारों को सामूहिक रूप से लगभग 270 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। इस बचत का सीधा लाभ परिवारों को मिलेगा, जिससे उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा अन्य आवश्यकताओं पर खर्च हो सकेगा। परियोजना के लिए घरों का सर्वेक्षण यूएनएसीसी द्वारा पहले ही पूरा कर लिया गया है, और सोलर सिस्टम लगाने का कार्य अगले माह से शुरू हो जाएगा।

कम लागत में सौर ऊर्जा प्रणाली

यूनिटी ऑफ नेशनल एक्शन फॉर क्लाइमेट चेंज काउंसिल के प्रबंध निदेशक अभिजीत खेमकर ने बताया कि प्रत्येक घर में दो से तीन किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। बाजार में इन प्रणालियों की लागत आमतौर पर दो से ढाई लाख रुपये तक आती है। हालांकि, इस विशेष परियोजना के तहत इन परिवारों को यह उन्नत प्रणाली मात्र 1.48 लाख रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक बोझ काफी कम होगा।

सिस्टम लगाने पर आने वाली लागत के लिए परिवारों को बैंकों से आसान ऋण सुविधा मिलेगी। उन्हें प्रति माह लगभग 500 रुपये की मासिक किस्त (ईएमआई) का भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था सफाईकर्मियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाले बिना उन्हें स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगी।

स्वच्छता में योगदान का सम्मान

इन 9 हजार परिवारों को केंद्र सरकार की ‘हर घर सोलर योजना’ के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इस चयन का मुख्य कारण इंदौर की स्वच्छता में सफाईकर्मियों का असाधारण और लगातार योगदान है। इंदौर ने पिछले कई वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का गौरव बनाए रखा है, जिसका श्रेय मुख्य रूप से इन मेहनती सफाईकर्मियों को जाता है। यह परियोजना उनके समर्पण और अथक परिश्रम का सम्मान है।

यूएनएसीसी, जो विश्व के 180 देशों में कार्यरत एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था है, ने भारत में इस परियोजना के लिए इंदौर को चुना है। इंदौर की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और स्वच्छता में नेतृत्व ने इसे इस महत्वपूर्ण पहल के लिए एक आदर्श स्थान बनाया है।

सोलर सिटी बनाने का लक्ष्य

“हमारी कोशिश है कि इंदौर देश का पहला सस्टेनेबल नेट-जीरो शहर बने। यह शहर सोलर सिटी में तब्दील हो सकता है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।” — शिशिर पंडित, अध्यक्ष, यूएनएसीसी मध्य प्रदेश इकाई

यह परियोजना इंदौर को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाएगी, जिससे शहर का कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और यह सही मायने में एक ‘ग्रीन’ सिटी बन पाएगा। स्थानीय प्रशासन और यूएनएसीसी का यह संयुक्त प्रयास अन्य भारतीय शहरों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बनेगा, जो सतत विकास की राह पर चलना चाहते हैं।