इंदौर से ट्रेन यात्रा अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होने जा रही है। वेस्टर्न रेलवे ने बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण किया है। इंदौर से शुरू होने वाली और गुजरने वाली कुल 88 ट्रेनों में से 50 से अधिक अब LHB कोच से लैस हैं। यह कुल ट्रेनों का करीब 55 प्रतिशत है।
LHB यानी लिंके हॉफमैन बुश कोच जर्मन तकनीक पर आधारित हैं। रेलवे ने पुराने नीले ICF कोच को इन आधुनिक रैक से बदल दिया है। फिलहाल इंदौर और महू में कुल 26 LHB रैक उपलब्ध हैं। इनका उपयोग रोजाना की ट्रेन सेवाओं में किया जा रहा है।
प्रमुख रूटों पर मिली सुविधा
LHB कोच वाली ट्रेनें दिल्ली, मुंबई, पुणे और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों को जोड़ती हैं। यशवंतपुर रूट पर भी यह सुविधा उपलब्ध है। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत है। इंदौर-दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस पहले ही अपग्रेड हो चुकी है। नागपुर त्रिशताब्दी भी LHB रैक से चल रही है। महू-यशवंतपुर एक्सप्रेस को भी नए कोच मिले हैं।
इन ट्रेनों में हुआ बदलाव
इंदौर-देहरादून एक्सप्रेस अब आधुनिक कोच से लैस है। इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में भी LHB रैक लगाई गई है। इंदौर-वेरावल एक्सप्रेस यात्रियों को बेहतर सुविधा दे रही है। इंदौर-बीकानेर महामना एक्सप्रेस भी इस सूची में शामिल है। इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस को भी अपग्रेड किया जा चुका है। ये सभी ट्रेनें अब ज्यादा तेज और सुरक्षित हैं।
LHB कोच की खासियतें
LHB कोच स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं। ये काफी मजबूत और टिकाऊ हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत एंटी-टेलिस्कोपिक फीचर है। दुर्घटना होने पर ये कोच आपस में नहीं मुड़ते। एक कोच दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ता। इससे जान-माल का नुकसान काफी कम होता है।
स्पीड और आराम में बढ़त
LHB कोच 130 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। पुराने ICF कोच की तुलना में यह काफी तेज है। यात्रा का समय भी कम होगा। इन कोच में एडवांस्ड सस्पेंशन टेक्नोलॉजी है। यात्रा के दौरान कंपन बहुत कम होता है। शोर भी काफी कम रहता है।
आधुनिक सुविधाएं
LHB कोच में डिस्क ब्रेक सिस्टम लगा है। यह ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित है। ब्रेकिंग में कम समय लगता है। बायो-टॉयलेट की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। रेलवे ट्रैक भी साफ रहते हैं।LED लाइटिंग से बिजली की बचत होती है। रोशनी भी बेहतर मिलती है। यात्रियों की आंखों पर कम जोर पड़ता है।
पुराने कोच की तुलना में सीटों की संख्या भी ज्यादा है। ज्यादा यात्री एक साथ सफर कर सकते हैं। रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी।
31 मार्च से बदलाव
रेलवे ने एक और बड़ी घोषणा की है। इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस को भी LHB रैक मिलेगी। यह बदलाव 31 मार्च से प्रभावी होगा। इस रूट पर लंबी दूरी की यात्रा होती है। LHB कोच से यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा। सुरक्षा भी बढ़ेगी।
भविष्य की योजना
वेस्टर्न रेलवे का लक्ष्य और ट्रेनों को अपग्रेड करना है। धीरे-धीरे सभी ट्रेनों में LHB कोच लगाए जाएंगे। पुराने ICF कोच को पूरी तरह हटाया जाएगा। इंदौर रेलवे स्टेशन का महत्व बढ़ रहा है। यहां से कई महत्वपूर्ण रूट जुड़ते हैं। आधुनिकीकरण से यात्री संख्या भी बढ़ेगी।
रेलवे का यह कदम यात्रियों के हित में है। सुरक्षा और आराम दोनों बढ़े हैं। इंदौर से ट्रेन यात्रा अब सच में लग्जरी हो गई है।











