इंदौर के लिए वर्ष 2026 कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां लेकर आएगा। सबसे बड़ी सौगात मेट्रो ट्रेन परियोजना के विस्तार के रूप में मिलेगी, जबकि प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज भी इसी वर्ष बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अलावा शहर को कई अन्य विकास परियोजनाओं का लाभ मिलेगा। बीते वर्ष इंदौर में शुरू हुए अनेक विकास कार्य जो अब तक पूरे नहीं हो सके, वे नए साल में पूर्ण होकर जनता के उपयोग में आ जाएंगे।
शहर में सात पुल परियोजनाएं निर्माणाधीन
शहर में सात स्थानों पर पुल निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इस वर्ष एमआर-10 जंक्शन पर बनाए जा रहे पुल का निर्माण पूरा होने की संभावना है, जिससे शहर में प्रवेश के दौरान होने वाली परेशानियों में कमी आएगी। इसके साथ ही लवकुश चौराहे पर बन रहा डबल डेकर ब्रिज भी इस साल शहरवासियों को मिलने की उम्मीद है, जिसका कार्य पिछले दो वर्षों से जारी है। वहीं, निरंजनपुर चौराहे पर प्रस्तावित पुल का निर्माण भी नए साल में पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है।
17 किमी कॉरिडोर पर ट्रायल रन पूरा
वर्तमान में मेट्रो सेवा लगभग छह किलोमीटर के हिस्से में संचालित हो रही है, हालांकि इस खंड पर यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम है। मार्च तक मेट्रो का विस्तार गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक किए जाने की योजना है, जिसके बाद यात्रियों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। 17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर ट्रायल रन पूरा किया जा चुका है और इसकी औपचारिक मंजूरी शीघ्र मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पांच स्टेशनों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जबकि इस वर्ष मेट्रो के मध्य हिस्से का काम भी शुरू किया जाएगा।
हर माह 4–5 करोड़ रुपये की बिजली बचत
नगर निगम द्वारा जलूद क्षेत्र में 60 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट विकसित किया जा रहा है। संयंत्र का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि विद्युत लाइनों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी जारी है। वर्तमान में जलूद से इंदौर तक जल आपूर्ति के लिए नगर निगम को प्रतिमाह लगभग 20 करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ता है। सोलर प्लांट के संचालन में आने के बाद हर महीने करीब 4 से 5 करोड़ रुपये की बिजली लागत में बचत होने की उम्मीद है। लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में स्थापित इस परियोजना के लिए नगर निगम ने ग्रीन बॉन्ड जारी कर करीब 250 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है।
इंदौर में 20 नए बस स्टॉप निर्माण की शुरुआत
इंदौर नगर निगम ने शहर में 20 नए बस स्टॉपों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पुराने स्टॉप पर बैठने, रुकने और जानकारी लेने की पर्याप्त सुविधा नहीं थी, लेकिन अब इन नए स्टॉपों में अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं का समावेश किया गया है। भविष्य में शहर के अन्य मार्गों पर भी पुराने बस स्टॉपों की जगह नए स्टॉप बनाए जाएंगे। इंदौर में सिटी बस संचालन के लिए 20 साल पहले बस स्टॉप बनाए गए थे, और वर्तमान में लगभग 350 सिटी बसें सेवा दे रही हैं। नगर निगम का लक्ष्य है कि एक वर्ष में 200 नए सिटी बस स्टॉप तैयार किए जाएं।
नए स्टॉपों में पैसेंजर इनफॉर्मेशन सिस्टम (PIS) उपलब्ध होगा, जिससे यात्रियों को रूट मैप और इमरजेंसी संपर्क नंबर की जानकारी मिल सकेगी। प्रत्येक स्टॉप पर सीसीटीवी कैमरे, दो मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही, बारिश के समय भी ये स्टॉप यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होंगे।
छह लेन सड़क का निर्माण
इंदौर-उज्जैन रोड का निर्माण कार्य इस वर्ष पूरा होने की उम्मीद है और काम तेजी से प्रगति पर है। सिंहस्थ आयोजन को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को छह लेन का बनाया जा रहा है। इसके अलावा, एमआर-12 सड़क भी इस साल तैयार हो जाएगी। शहर में मास्टर प्लान के तहत 23 सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिनमें से सात सड़कों के इस वर्ष बनकर तैयार होने की संभावना है।









