भागीरथपुरा में 18 लोगों की मौत के बाद इंदौर की घटना देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। इस गंभीर प्रकरण पर आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है। सूत्रों के अनुसार मामले को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव को संघ कार्यालय बुलाया गया, वहीं जिला कलेक्टर शिवम वर्मा भी वहां उपस्थित रहे। संघ पदाधिकारियों ने दोनों अधिकारियों को भागीरथपुरा की स्थिति में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मेयर और कलेक्टर दोनों शाम करीब छह बजे पहुंचे। आरएसएस के प्रांत कार्यालय सुदर्शन भवन में प्रांत प्रचारक राजमोहन की मौजूदगी में लगभग डेढ़ घंटे तक बैठक चली। इस दौरान महापौर और कलेक्टर ने पदाधिकारियों को भागीरथपुरा की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और बताया कि हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि बस्ती के लोग अब भी भय के माहौल में हैं और उनका भरोसा दोबारा कायम करना जरूरी है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक आपूर्ति शीघ्र सामान्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। इसके बाद महापौर बैठक स्थल से बाहर निकले, हालांकि बैठक में हुई चर्चा के बिंदुओं का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया।
गौरतलब है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी का मुद्दा समय-समय पर सामने आता रहा है, जिसे लेकर महापौर भी पूर्व में एक बैठक में चिंता जता चुके हैं। इसी बीच इंदौर में प्रस्तावित हिंदू सम्मेलनों को लेकर भी विचार-विमर्श की संभावना जताई जा रही है। संघ ने भागीरथपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित तीन सम्मेलनों को निरस्त कर दिया है।
इस बैठक से स्पष्ट संकेत मिलता है कि भागीरथपुरा प्रकरण पर संघ लगातार निगरानी बनाए हुए है। शहर की विभिन्न बस्तियों में संघ का मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क है, जिसके माध्यम से पेयजल सहित अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर लगातार फीडबैक प्राप्त होता रहता है।









