भागीरथपुरा हादसे के बाद नल के पानी ने छीना लोगों का भरोसा, दुकानों में भी मिनरल वाटर से बनाई जा रही चाय

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By Abhishek SinghPublished On: January 3, 2026
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भागीरथपुरा में दूषित पानी के सेवन से 15 लोगों की मौत के बाद स्थानीय निवासियों ने नल के पानी का उपयोग बंद कर दिया है। भले ही प्रतिदिन सुबह जलापूर्ति हो रही हो, लेकिन लोग पानी भरने से परहेज कर रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर निगम ने क्षेत्र में पानी के टैंकर तैनात किए हैं।

इस संकट का असर बस्ती के चाय दुकानदारों की ग्राहकी पर भी पड़ा, जिससे बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्राहकों का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए दुकानदारों ने चाय तैयार करने में मिनरल वॉटर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। वे बोतलबंद पानी को केतली में गर्म कर उसमें दूध मिलाकर चाय बना रहे हैं।

चाय-पोहा दुकानों पर ग्राहकी घटी

दुकानदारों के अनुसार, उनकी दुकानों पर बस्ती के निवासियों के साथ-साथ पोलोग्राउंड औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाले लोग भी चाय-पोहा खाने रुकते हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है। लोगों को आशंका है कि भागीरथपुरा का पानी पीने से वे भी बीमार न पड़ जाएं। दुकानदार सूरज वर्मा ने बताया कि पहले जहां पानी की दो-तीन पेटियां बिकती थीं, वहीं बीते एक सप्ताह में इसकी खपत तीन गुना तक बढ़ गई है।

अब दुकानों से बोतलबंद पानी ले जा रहे लोग

बस्ती के निवासी भी अब दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदकर ले जा रहे हैं। होटल पर नाश्ता करने आने वाले पुराने ग्राहकों को दुकानदार केवल पैक्ड पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। सूरज के मुताबिक, उन्होंने चाय बनाने में भी बोतलबंद पानी का उपयोग शुरू कर दिया है, जिसे देखते हुए बस्ती की अन्य दुकानों ने भी यही व्यवस्था अपनाई है। दुकानदारों का कहना है कि इस पहल के बाद ग्राहकों की संख्या में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है।

जांच के लिए भेजे जा रहे सैंपल

नगर निगम के अधिकारी भागीरथपुरा में पानी की टंकी के माध्यम से होने वाली आपूर्ति के दौरान लगातार जल के सैंपल ले रहे हैं। ये सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं ताकि दूषित पेयजल के अन्य स्रोतों का पता लगाया जा सके। अब तक प्राप्त रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि हुई है।