इंदौर में यातायात पुलिस ने अब दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। लंबे समय तक समझाइश देने और हजारों मुफ्त हेलमेट बांटने के बाद अब पुलिस ने नियमों का पालन न करने वालों पर सीधी कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस की विशेष टीमें तैनात हैं जो बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों को रोककर तत्काल चालान बना रही हैं।
पुलिस की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो दिनों में शहर में कुल 4512 चालान काटे गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चार प्रमुख जोन
यातायात विभाग ने शहर को चार प्रमुख जोन में बांटकर कार्रवाई की रणनीति बनाई है। इसके तहत विजयनगर, पलासिया, महू नाका और चाणक्यपुरी जैसे व्यस्त चौराहों पर विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं। इन इलाकों से गुजरने वाले हर उस वाहन चालक को रोका जा रहा है जिसने हेलमेट नहीं पहना है।
हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। परसों केवल पलासिया चौराहे पर पुलिस ने दो घंटे का विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान रिकॉर्ड 2331 चालान बनाए गए। यह एक ही स्थान पर इतने कम समय में की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
2500 से ज्यादा चालान
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, एक ही दिन में कुल 2529 चालानी कार्रवाई की गई। इसमें सबसे बड़ी संख्या हेलमेट न पहनने वालों की थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
बिना हेलमेट के 2181 चालान बनाए गए, जबकि नंबर प्लेट के नियमों के उल्लंघन पर 66 लोगों पर जुर्माना लगा। इसके अलावा गलत पार्किंग के 159, गाड़ियों पर काली फिल्म लगाने पर 14 और रेड लाइट जंप करने पर 22 वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई।
अन्य उल्लंघनों में बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने वाले 19, सीट बेल्ट न लगाने वाले 16, वन-वे में घुसने वाले 9 और मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने वाले 5 लोग शामिल थे। पुलिस ने हूटर बजाने वाले 2 वाहनों पर भी कार्रवाई की।
रसूखदारों को भी नहीं मिली रियायत
इस अभियान के दौरान कई वाहन चालक पुलिस को देखकर रास्ता बदलते या गलियों से भागने की कोशिश करते नजर आए। कुछ लोगों ने अपना रसूख दिखाने की कोशिश भी की, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसी की नहीं सुनी। जो भी नियम तोड़ते पकड़ा गया, उसका चालान बनाया गया।










