मध्य प्रदेश के जबलपुर में शनिवार को एक ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री Mohan Yadav एक मंच पर नजर आए। मौका था सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह का। इस कार्यक्रम में दोनों वरिष्ठ नेताओं ने लाइब्रेरी के 100 साल के सफर को सराहा और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाषचंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामय तरीके से हुई, जहां जेपी नड्डा और सीएम मोहन यादव ने संयुक्त रूप से नेताजी सुभाषचंद्र बोस की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। प्रतिमा अनावरण के साथ ही अतिथियों ने लाइब्रेरी परिसर में लगाई गई विशेष प्रदर्शनी का भी जायजा लिया। इस प्रदर्शनी में लाइब्रेरी के इतिहास और नेताजी के जीवन से जुड़े पहलुओं को दर्शाया गया था।
स्मारिका का विमोचन
समारोह के दौरान मंच से एक विशेष स्मारिका ‘यात्री’ का विमोचन भी किया गया। यह स्मारिका सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी के शताब्दी वर्ष की उपलब्धियों और इतिहास को समेटे हुए है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस मौके पर लाइब्रेरी प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान न केवल ज्ञान का प्रसार करते हैं, बल्कि इतिहास को भी जीवित रखते हैं।
संस्कृति के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में पुस्तकालयों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी जैसी संस्थाएं समाज को दिशा देने का काम करती हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़े रखने के लिए ऐसे संस्थानों का होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में लाइब्रेरी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया और संस्था के 100 वर्षों की यात्रा के बारे में जानकारी दी। जेपी नड्डा ने लाइब्रेरी के योगदान की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए एक धरोहर बताया। समापन समारोह में शहर के कई गणमान्य नागरिक और साहित्य प्रेमी भी उपस्थित रहे।











