MP Budget 2026 : केंद्रीय बजट पेश होने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट 18 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। सीएम ने दावा किया कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर में तेजी से सुधार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर मात्र डेढ़ प्रतिशत रह गई है। यह आंकड़ा सरकार की रोजगार नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
केंद्र से मिली विशेष सहायता
सीएम मोहन यादव ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश के बजट में 1.12 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए 50 वर्षों की अवधि का ब्याज-मुक्त ऋण दे रही है। इस ऋण पर ब्याज का पूरा भार केंद्र सरकार वहन करती है। यह सहायता वित्त आयोग की सिफारिशों से अतिरिक्त है। 2020-21 से जनवरी 2026 तक राज्य को 46,802 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है।
शहरी विकास पर 5000 करोड़ का खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास पर अगले पांच वर्षों में 5000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। छोटे शहरों में तीर्थ स्थलों का विकास होगा। हर जिले में महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। जिला अस्पतालों को बेहतर किया जाएगा। इन कदमों से शहरी अवसंरचना में सुधार होगा।
वस्त्र उद्योग से मिलेगा रोजगार
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को वस्त्र उद्योग में विशेष लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क से तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे किसानों को भी बड़ा फायदा होगा।
“यह बजट भविष्य को लेकर किया गया एक प्लान है जो निवेशकों का विश्वास बनाए रखेगा।” — मुख्यमंत्री मोहन यादव
रिसर्च और AI पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में यह प्रदेश और देश की तरक्की में बड़ा योगदान देगा। उन्होंने कहा कि इससे कई काम आसान हो जाएंगे। तकनीक का उपयोग विकास की गति को तेज करेगा।
गरीब, युवा और महिलाओं पर फोकस
सीएम ने कहा कि केंद्रीय बजट में गरीबों, युवाओं और महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। यह बजट मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट समावेशी प्रगति और दीर्घकालिक विकासोन्मुख अर्थव्यवस्था के रूप में राज्य को स्थापित करेगा। भविष्य उन्मुख योजनाओं से प्रदेश को लाभ होगा।










