सीएम हाउस में 45 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक ‘जन-मन सभागार’, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जन्मदिन पर किया भूमि पूजन

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By Raj RathorePublished On: March 25, 2026
CM House MP

CM House MP : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री निवास का कायाकल्प होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर श्यामला हिल्स स्थित सीएम हाउस परिसर में एक विशाल और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम की नींव रखी। इसे ‘जन-मन सभागार’ नाम दिया गया है। इसके साथ ही एक विशेष ‘चिंतन भवन’ (गेस्ट हाउस) का निर्माण भी किया जाएगा।

पुराने डोम स्ट्रक्चर की जगह लेने वाला यह नया ऑडिटोरियम पूरी तरह से पक्के निर्माण और हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एमपी बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPBDC) को इस निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा ऑडिटोरियम

नया ऑडिटोरियम सीएम हाउस परिसर में मौजूद पुराने डोम वाली जगह पर तैयार किया जाएगा। इसका कुल क्षेत्रफल 2226.70 वर्ग मीटर होगा। इस विशाल सभागार में एक साथ करीब 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें विशेष रूप से 1,730 कुर्सियां और 96 सोफा सीटें लगाई जाएंगी।

सभागार के तकनीकी पक्ष को मजबूत बनाने के लिए इसमें अत्याधुनिक साउंड सिस्टम, बड़ी एलईडी स्क्रीन और ध्वनि इन्सुलेशन (Sound Insulation) के लिए एकोस्टिक पैनल लगाए जाएंगे। स्टेज के पीछे एक बड़ा 12×29 मीटर का मंच, लाइट-एंड-साउंड कंट्रोल रूम और मीडिया बूथ भी बनाया जाएगा।

वीआईपी लाउंज और दो मंजिला डाइनिंग हॉल

इस प्रोजेक्ट के तहत केवल ऑडिटोरियम ही नहीं, बल्कि खान-पान और वीआईपी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। ऑडिटोरियम के ठीक बगल में 2,579 वर्ग मीटर में फैला एक दो मंजिला डाइनिंग हॉल तैयार होगा। इस हॉल में ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर को मिलाकर एक साथ 2,400 लोगों के भोजन करने की क्षमता होगी।

वीआईपी मेहमानों की सुविधा के लिए अलग से वीआईपी डाइनिंग और लाउंज की व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से परिसर में गार्ड रूम और पीए रूम भी बनाए जाएंगे।

‘चिंतन भवन’ के रूप में नया गेस्ट हाउस

मुख्यमंत्री निवास परिसर में स्थित समत्व भवन के प्रथम तल पर एक नया गेस्ट हाउस बनेगा, जिसे ‘चिंतन’ नाम दिया गया है। इसमें दो लग्जरी बेडरूम, एक डाइनिंग रूम, ड्रेसिंग रूम और एक कॉमन वीआईपी लाउंज होगा। यह जगह विशेष बैठकों और अतिथियों के रुकने के लिए उपयोगी होगी।

2027 तक पूरा होगा काम

एमपीबीडीसी के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए मैसर्स एमएस के साथ अनुबंध किया गया है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 18 महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2027 के अंत तक यह पूरा प्रोजेक्ट बनकर तैयार हो जाएगा।

बीडीसी ईएनसी अजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह पूरा स्ट्रक्चर पक्का और आधुनिक होगा। बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हेवी-ड्यूटी डीजी सेट, पानी की बचत के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) भी इस योजना का हिस्सा हैं। परिसर के अंदर आवागमन सुगम बनाने के लिए कंक्रीट की चौड़ी सड़कें और सुंदर लैंडस्केपिंग भी की जाएगी।