गैस सिलेंडर संकट से सराफा चौपाटी हुई प्रभावित, कई फूड स्टॉल हुए बंद, कुछ दुकानदारों ने इंडक्शन से संभाला काम

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By Pinal PatidarPublished On: March 16, 2026

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर अब इंदौर के प्रसिद्ध Sarafa Bazaar Indore में भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। वीकेंड होने के बावजूद यहां रोज की तरह सभी फूड स्टॉल नहीं लग पाए। आम दिनों में जहां रात होते ही सराफा में खाने-पीने के ठेलों की लंबी कतार नजर आती है, वहीं इस बार कई दुकानदारों को गैस सिलेंडर न मिलने के कारण अपने ठेले बंद रखने पड़े। इससे बाजार की रौनक तो बनी रही, लेकिन फूड स्टॉल की संख्या पहले से कम नजर आई।

वीकेंड पर भी कम दिखे खाने-पीने के ठेले

शनिवार को वीकेंड होने की वजह से बाजार में लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे शहरों से आए पर्यटक भी यहां पहुंचे, लेकिन रोजाना दिखने वाले कई लोकप्रिय फूड स्टॉल इस बार नजर नहीं आए। छोटा सराफा में आमतौर पर मिलने वाले छोले-टिकिया, पराठे और अन्य स्ट्रीट फूड के ठेले कम दिखाई दिए। गैस सिलेंडर की कमी के कारण कई दुकानदारों ने अस्थायी रूप से अपने स्टॉल नहीं लगाने का फैसला किया।

होटल, रेस्त्रां और चाय दुकानों पर भी पड़ा असर

कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत का असर सिर्फ सराफा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर के होटल, रेस्त्रां और चाय की दुकानों पर भी इसका असर देखा जा रहा है। इंदौर की दूसरी मशहूर फूड स्ट्रीट Chappan Dukan में कई दुकानदारों ने गैस की कमी के चलते अपने व्यंजन इलेक्ट्रिक इंडक्शन पर बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि यह व्यवस्था हर जगह संभव नहीं है, जिससे कई व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली कनेक्शन न होने से इंडक्शन का इस्तेमाल मुश्किल

सराफा बाजार में ज्यादातर फूड स्टॉल किराए के ओटलों पर लगाए जाते हैं और वहां अलग से बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं होता। इंडक्शन चूल्हे चलाने के लिए ज्यादा वॉट की बिजली की जरूरत होती है, लेकिन यहां ऐसी सुविधा नहीं होने के कारण कई दुकानदार इसका इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह से कई स्टॉल पूरी तरह बंद रखने पड़े हैं।

धीमी आंच पर तैयार हो रहे पारंपरिक व्यंजन

शनिवार को बाजार में भीड़ तो अच्छी रही, लेकिन स्टॉल की संख्या कम होने के कारण कई लोकप्रिय व्यंजन सीमित मात्रा में ही बन पाए। भुट्टे का किस और गराडू जैसे इंदौर के मशहूर व्यंजन भी कम आंच पर पकाए जा रहे थे। व्यापारियों का कहना है कि जिन दुकानदारों के पास गैस सिलेंडर का स्टॉक बचा हुआ है, वही फिलहाल स्टॉल लगा पा रहे हैं, जबकि अन्य को इंतजार करना पड़ रहा है।

गैस संकट के बीच रविवार को भी खुलीं एजेंसियां

गैस की कमी को देखते हुए प्रशासन ने इंदौर में गैस एजेंसियों को रविवार को भी खुला रखने के निर्देश दिए थे। इसके चलते कई एजेंसियों ने उपभोक्ताओं को सीधे गोडाउन से सिलेंडर उपलब्ध कराए। जानकारी के अनुसार, फिलहाल शहर में करीब 25 दिन के अंतराल के बाद ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के नंबर लग रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत आने के कारण लोग सीधे गैस एजेंसियों पर पहुंचकर मैनुअल बुकिंग के जरिए सिलेंडर लेने को मजबूर हैं।