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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, मनरेगा बजट में किया बड़ा इजाफा

नई दिल्ली : आज यानी रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज से जुडी पांचवी प्रेस कांफ्रेंस की. उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है. उसी के मुताबिक ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है. इस पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है.”

30 करोड़ लोगों के खाते में भेजे गए पैसे-

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डायरेक्ट ​बेनिफिट ट्रांसफर कैश का किया गया. इसके तहत 8.19 करोड किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये दिए गए हैं.”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “इसके अलावा देश के 20 करोड़ जन-धन खातों में डायरेक्ट ​बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 500-500 रुपये भेजे गए. उज्ज्वला योजना के तहत 6.81 करोड़ रसोई गैस धारकों को मुफ्त सिलेंडर दिया गया. इसके अलावा 2.20 करोड़ निर्माण मजदूरों को सीधे उनके खाते में पैसा दिया गया.”

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि “मजदूरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए 85 फीसदी खर्चा केंद्र सरकार दे रही है. मजदूरों को ट्रेनों में खाना दिया जा रहा है.”

वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 15 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं. टेस्टिंग और लैव किट के लिए 550 करोड़ रुपये दिए गए हैं. कोरोना से जंग में लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की गई है.

वित्त मंत्री ने कहा कि “कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 15 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं. टेस्टिंग और लैव किट के लिए 550 करोड़ रुपये दिए गए हैं. कोरोना से जंग में लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की गई है.”

मनरेगा के बजट में बड़ा इजाफा-

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की योजना मनरेगा के बजट में भी बड़ा इजाफा किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि “मनरेगा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है. पहले मनरेगा का बजट 61 हजार करोड़ रुपये था, अब इसमें 40 हजार करोड़ का इजाफा किया गया है.”

ऑनलाइन एजुकेशन के लिए 12 नए चैनल जोड़े गए-

ऑनलाइन एजुकेशन पर वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन एजुकेशन का इस्तेमाल किया गया है. स्वयंप्रभा डीटीएच चैनल में पहले 3 थे, उसमें 12 और नए चैनल जोड़े जा रहे हैं. लाइव इंटरएक्टिव चैनल जोड़े जा सकें इसलिए भी काम किया जा रहा है. राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे 4 घंटे का कंटेट दें, जिसे लाइव चैनलों पर दिखाया जा सके.

दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर एक साल तक रोक-

एक साल तक दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी। कंपनी कानून के ज्यादातर प्रावधानों को डीक्रिमिनाइलज किया जाएगा. यानी कर्ज ऐडा करने से चूक को एक साल के लिए इन्सॉल्वेंसी में शामिल नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर छोटे उद्योगों के दिवालिया होने की सीमा को एक लाख से बढाकर एक करोड़ कर दिया जाएगा।