डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिये बयान का मामला थमा नही है. सुप्रीम कोर्ट ने स्टालिन को फटकार लगाई है. बावजूद इसके उनके पार्टी के नेता मानने को तैयार नही है.वहीं डीएमके के ही नेता ए राजा ने विवादित बयान दिया है.
ए राजा के इस बयान से बवाल मच गया है. उन्होनें कहा, भारत एक राष्ट्र है ही नहीं. इस बात को अच्छे से समझ लें. भारत कभी एक राष्ट्र था ही नहीं. भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है. बता दें इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को सनातन विरोधी बयानबाजी पर फटकार लगाते हुए कहा था कि उन्हें अपने बयान के नतीजे पता होने चाहिए.
दरअसल ए राजा वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि अगर आप कहेंगे कि ये आपके ईश्वर हैं और भारत माता की जय तो हम उस ईश्वर और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. इतना ही नही उन्होनें कहा कि कह दो इनको, हम सब राम के शत्रु हैं. मुझे रामायण और भगवान राम पर विश्वास नहीं है. ए राजा ने भगवान हनुमान की तुलना बंदर से करते हुए श्जय श्री राम के नारे को घृणास्पद बताया.
ए राजा का पूरा बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा ने विवादित बयान देते हुए कहा, भारत कभी एक राष्ट्र था ही नहीं. एक राष्ट्र का अर्थ है एक भाषा, एक परंपरा और एक संस्कृति. तभी यह एक राष्ट्र होता है. भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है.
भारत पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्होंने यहां तमिल एक राष्ट्र और एक देश है. मलयालम एक भाषा, एक राष्ट्र और एक देश है. उड़िया एक राष्ट्र, एक भाषा और एक देश है. ये सभी राष्ट्र मिलकर भारत बनाते हैं तो भारत देश नहीं है. यह एक उपमहाद्वीप है.
वहीं उनके बयान से राजनीति गरमा गई है। सहयोगी कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया सीनेट ने कहा कि मैं उनकी बात से शत प्रतिशत असहमत हूंण् मैं ऐसे वक्तव्य की पूरी तरह निंदा करती हूं.डीएमके के ए राजा ने कथित तौर पर भगवान राम पर विवादित टिप्पणी की है संयमित होकर बात करनी चाहिए . सुप्रिया श्रीनेत राजा के रामायण और भगवान राम के बारे में कुछ टिप्पणियां करने पर उन्होंने कहा, कि राम सबके हैं, राम हम सबमें हैं.










