8th Pay Commission : आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी अपडेट सामने आ रही है। 31 दिसंबर 2025 को सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में सभी की निगाह ही नए वेतन आयोग यानी आठवें वेतन आयोग पर टिकी हुई है।
पीएम मोदी पहले ही इसके गठन की मंजूरी दे चुके हैं लेकिन अभी टर्म का रिफरेंस और आयोग के सदस्यों की घोषणा बाकी है। कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना रखा जाएगा और सैलरी कितनी बढ़ेगी? अनुमान है कि इसमें कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
52 अलाउंस खत्म
सातवें वेतन आयोग में 196 अलाउंस में से 52 अलाउंस को खत्म कर दिया गया था। 36 अलाउंस को अन्य अलायंस में मर्ज किया गया था और कई को नया नाम और स्ट्रक्चर दिया गया था। आठवें वेतन आयोग में कार्य और ज्यादा ट्रांसपेरेंसी पर जोर हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक छोटे और ऑपरेशनल भत्ते जैसे ट्रैवल अलाउंस, स्पेशल ड्यूटी, छोटे क्षेत्रीय और विभागीय भत्ते हटाए जा सकते हैं। महंगाई भत्ते और मकान किराया भत्ता के स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया जा सकता है।
CGHS की जगह आएगी नई स्कीम
वर्तमान में CGHS कर्मचारी और पेंशनर्स को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते हैं। छोटे शहर और ग्रामीण इलाकों में इसका लाभ चर्चा का कारण है। सरकार इंश्योरेंस बेस्ड हेल्थ स्कीम को लागू कर सकती है।जनवरी 2025 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाई एंड पेंशनर्स हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम पर विचार किया था। इसे आईआरडीएआई रजिस्टर्ड बीमा कंपनी के जरिए लागू किया जा सकता है। सवाल है कि नई स्कीम आने पर CGHS का लाभ किस तरह से उपलब्ध कराया जाएगा।
आखिर कब लागू होगा आठवां वेतन आयोग
सातवें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में हुआ था और सिफारिश जनवरी 2016 में लागू की गई थी। गठन से लागू होने में लगभग 2 साल 9 महीने का समय लगा था। वहीं मौजूद स्थिति को देखते हुए 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग का लागू होना मुश्किल लग रहा है। संभावना है कि से 2027 के अंत तक या 2028 की शुरुआत में इसे लागू किया जा सकता है।