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डिफेंस में FDI बढ़ाने से कांग्रेस नाराज, कहा- UPA ने खारिज किया था ये प्रस्ताव

नई दिल्ली। कोरोना संकट से लगातार गिर रही अर्थव्यवस्था को सही दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। जिसको लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आर्थिक पैकेज की चैथी किस्त जारी कर उन्होंने रक्षा उत्पादन को लेकर बड़े ऐलान किए हैं। साथ ही रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एफडीआई की सीमा को बढ़ाकर 70 फीसदी करने का ऐलान किया है।

यूपीए के समय भी आया था प्रस्ताव 

वहीं विपक्ष ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। कांग्रस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर अकांउट से ट्वीट कर कहा कि ‘आत्मनिर्भर की बात करने वाली सरकार ने रक्षा क्षेत्र में FDI बढ़ा दी। हम इसका विरोध करते हैं। इसका प्रस्ताव यूपीए के समय भी आया था। मगर सुरक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से हमने इसे खारिज कर दिया था।’

अखिलेश यादव ने भी जताई आपत्ति 

वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इसको लेकर सरकार को घेरा है। उन्होने ट्वीट किया ‘रक्षा उत्पादन’ जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 74 फीसदी बढ़ाने का ऐलान देश की रक्षा के साथ सीधे-सीधे समझौता करना है। भाजपाई अर्थशास्त्र के अनुसार क्या यही है ‘आत्मनिर्भर’ होने की परिभाषा।

क्या थे वित्त मंत्री के ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया‘ को प्रोत्साहित करने के लिए रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एफडीआई की सीमा को बढ़ाकर 70 फीसदी करने का फैसला लिया गया है। इससे पहले यह सीमा 49 फीसदी थी। उन्होने कहा कि कई हथियारों और मंचों के आयात पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आयात के लिए प्रतिबंधित उत्पादों की खरीद सिर्फ भारत में ही की जा सकेगी। साथ ही आयात हो रहे कुछ कलपुर्जों का भारत में ही निर्माण शुरू किया जाएगा। जिससे रक्षा आयात खर्च में कमी लाने में मदद मिलेगी।