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कांग्रेस-योगी सरकार में टकराव, प्रियंका बोली- भाजपा अपने पोस्टर लगा लें लेकिन बसों को एंट्री दें

Posted on: 19 May 2020 09:47 by Bharat Prajapat
कांग्रेस-योगी सरकार में टकराव, प्रियंका बोली- भाजपा अपने पोस्टर लगा लें लेकिन बसों को एंट्री दें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मजदूरों के लिए बसों की एंट्री को लेकर कांग्रेस महासचिव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते प्रियंका गांधी ने एक बार फिर योगी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रस महासचिव ने कहा कि यूपी सरकार ने हद कर दी है। सीएम योगी चाहे जो इन बसों पर भाजपा के बैनर लगा लें, लेकिन हमारे सेवा भाव को न ठुकराएं।

प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि यूपी सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जाँच में सही पायीं गईं। ऊँचा नागला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 बसों से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है। इधर दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुँच रही हैं। कृपया इन 879 बसों को तो चलने दीजिए। उन्होने कहा हम आपको कल 200 बसें की नयी सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे। बेशक आप इस सूची की भी जाँच कीजिएगा। लोग बहुत कष्ट में हैं। दुखी हैं। हम और देर नहीं कर सकते।

एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस नेत्री ने कहा, उप्र सरकार ने हद कर दी है। जब राजनीतिक परहेजों को परे करते हुए त्रस्त और असहाय प्रवासी भाई बहनों को मदद करने का मौका मिला तो दुनिया भर की बाधाएँ सामने रख दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन बसों पर आप चाहें तो भाजपा का बैनर लगा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगा दीजिए लेकिन हमारे सेवा भाव को मत ठुकराइए क्योंकि इस राजनीतिक खिलवाड़ में तीन दिन व्यर्थ हो चुके हैं। और इन्ही तीन दिनों में हमारे देशवासी सड़कों पर चलते हुए दम तोड़ रहे हैं।

क्या है मामला

दरअसल, बीते दिनों प्रियंका गांधी ने यूपी में मजदूरों के लिए 1000 बसे देेने का प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया था जिस परयोगी सरकार ने स्वीकृती दे दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन बसों को यूपी बॉर्डर पर खड़ा किया गया था लेकिन, यूपी सरकार ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और कहा था कि सरकार की ओर से पर्याप्त मात्रा में बसों का इंतजाम किया जा रहा था। जिस पर प्रियंका ने योगी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कई सवाल उठाए थे। जिसके बाद अब योगी सरकार ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के 1000 बसों का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए चालक,परिचालक का नाम समेत सूची मांगी थी।

वहीं बसों की इस सूची को लेकर यूपी सरकार का दावा है कि इस सूची में कई नंबर ऐसे हैं जो कि बसों के न होकर आॅटो और अन्य वाहनों के हैं। वहीं इसके बाद से ही योगी सरकार और कांग्रस में जारी जंग और तेज हो गई है।

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