उत्तराखंड दौरे पर सीएम Yogi Adityanath, हरिद्वार महोत्सव में हुए शामिल, पैतृक गांव पंचूर भी जाएंगे

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By Raj RathorePublished On: February 6, 2026
Yogi Adityanath with Pushkar Singh Dhami

Yogi Adityanath : उत्तराखंड में आज राजनीतिक हलचल तेज रही जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी वरिष्ठ नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।

यह हाई-प्रोफाइल दौरा मुख्य रूप से हरिद्वार में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए हुआ। सभी नेता हरिद्वार के सप्तऋषि मैदान में आयोजित त्रिदिवसीय ‘गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना महोत्सव’ में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम ने कई बड़े राजनीतिक चेहरों को एक साथ एक मंच पर ला दिया।

चार धाम भारत की आध्यात्मिक चेतना के आधार

महोत्सव को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य के चार धाम वास्तव में भारत की आध्यात्मिक चेतना के आधार स्तंभ हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया और इसे राष्ट्र की विरासत के सम्मान से जोड़ा।

पैतृक गांव पंचूर जाएंगे

इस आधिकारिक दौरे के अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक निजी कार्यक्रम भी है। वह पौड़ी गढ़वाल स्थित अपने पैतृक गांव पंचूर जाएंगे, जहां वह एक पारिवारिक समारोह में शामिल होंगे। इसके साथ ही, वह यमकेश्वर के जनता इंटर कॉलेज में नवनिर्मित कक्षा-कक्षों का लोकार्पण भी करेंगे।

यह वही क्षेत्र है जहां योगी आदित्यनाथ का बचपन बीता और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। प्रशासन ने उनके दौरे को देखते हुए यमकेश्वर और बिथ्याणी में हेलिपैड तैयार किए हैं।

Yogi Adityanath योगी का गहरा नाता

योगी आदित्यनाथ, जिनका जन्म पंचूर गांव में हुआ था, का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव है। उनकी शिक्षा-दीक्षा राज्य के विभिन्न स्कूलों में हुई:

  • कक्षा 1 से 5: प्राथमिक विद्यालय, पंचूर
  • कक्षा 6 से 8: जूनियर हाईस्कूल, बिथ्याणी
  • कक्षा 9: जनता इंटर कॉलेज, चमकोट खाल, यमकेश्वर
  • कक्षा 10: खाड़ी हाई स्कूल, नरेंद्र नगर, टिहरी गढ़वाल
  • कक्षा 11-12: भरत मंदिर इंटर कॉलेज, ऋषिकेश
  • स्नातक: कोटद्वार महाविद्यालय

उनका यह दौरा न केवल राजनीतिक और आध्यात्मिक है, बल्कि उनकी निजी जड़ों से भी जुड़ा हुआ है, जो इसे और भी खास बनाता है।