उत्तराखंड, हिमाचल सहित गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश से हाहाकार, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

देश के कई राज्यों में भयंकर बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से हालात गंभीर हो रहे हैँ, वहीं गुजरात और महाराष्ट्र जैसे तटीय राज्यों में भी बारिश आसमान से कहर बनकर टूट रही है। सेना के सुरक्षा बलों के द्वारा राज्यों में राहत और बचाव कार्य युद्द स्तर पार जारी है।

देश के कई राज्यों में भयंकर बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। जहाँ पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड (Uttarakhand) और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात गंभीर हो रहे हैँ , वहीं गुजरात (Gujarat) और महाराष्ट्र (Maharashtra) जैसे तटीय राज्यों में भी बारिश आसमान से कहर बनकर टूट रही है। गुजरात में भारी बारिश से जगह-जगह पानी भर गया है और यही हालात महाराष्ट्र के भी हैं, जहाँ कई इलाकों में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया और सड़कों व घरों में पानी भरा गया है।

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महाराष्ट्र में जारी है रेड अलर्ट, गुजरात में स्टेट हाइवे सहित 388 मार्ग बंद

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा महाराष्ट्र (Maharashtra) के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश और आने वाले दिनों में और भी अधिक वर्षा होने की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के कई जिलों में भारी बारिश की विशेष संभावना देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही मुंबई और ठाणे के भी कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। गुजरात (Gujarat) के भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की 13 टीमें, एसडीआरएफ की 16 टीमें सुरक्षा व बचाव कार्यों के लिए तैनात की गई हैं ।दक्षिण गुजरात और मध्य गुजरात में हुई भयंकर बारिश की वजह से स्टेट हाइवे और पंचायती हाइवे सहित कुल 388 रास्ते यातायात के लिए अस्थाई रूप से बंद हैं।

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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन

भारी बारिश के चलते भारत के पर्वतीय राज्य उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाएं कहर बन कर टूट रही हैं। दोनों पहाड़ी राज्यों में कई जगहों पर भारी बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। भूस्खलन से कई मार्गों व इलाकों में मिटटी और मलबा जमा हो जाने से यातायात ठप्प पड़ गया। भूस्खलन से कई घरों और मकानों को भी ख़ासा नुक्सान पहुंचा है। कई स्थानीय निवासियों को अपना घर छोड़कर अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सेना के सुरक्षा बलों के द्वारा राज्यों में राहत और बचाव कार्य युद्द स्तर पार जारी है।