धमाकेदार सेलिब्रेशन के वादे के साथ मांडू फेस्टिवल का भव्य समापन

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सात दिनों तक देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का जश्न मनाने के बाद मांडू फेस्टिवल 2019 का शुक्रवार 3 जनवरी को भव्य समापन हुआ। फेस्टिवल के दौरान मांडू में विभिन्न स्थानों पर दृश्य, प्रदर्शन और पाक कला से जुडी कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा प्रस्तुत इस फेस्टिवल में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कलाकारों ने कई एक्सीबिशंस और परफॉमेन्स के जरिए अपनी कला तथा संस्कृति से दर्शकों को रूबरू करवाया।

मध्यप्रदेश के पर्यटन और नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने जनता के बीच घोषणा की कि मांडू फेस्टिवल का अगला संस्करण 25 दिसंबर, 2020 से 3 जनवरी, 2021 तक होगा।इस बहुप्रतीक्षित फेस्टिवल में कला और संस्कृति से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखने के लिए मंच मिलेगा।

इसी के साथ हर साल 1 जनवरी को मांडू दिवस के रूप में मनाने की घोषणा भी की गई।इस फेस्टिवल के प्रति प्रेम तथा जुनून को दर्शाने के लिए एक विशेष जिंगल “ये जीवन है” बनाया गया है। यह गीत लोकप्रिय हिंदी रॉक बैंड ‘अंतरिक्ष ‘  ने तैयार किया है क्योंकि वे मांडू की मंत्रमुग्ध कर देने वाली सुंदरता और गौरव को दिल से महसूस करते हैं।

मांडूफेस्टिवल 2019 के प्रमुख उद्देश्यों में से एक सांस्कृतिकआदान-प्रदान भी है।इस आयोजन के जरिए देश में सांस्कृतिक विभाजन को मिटाते हुए विभिन्न विषयों और कलारूपों के आर्थिक विकास की आवश्यकता को बढ़ावा दिया गया। इस कार्यक्रम में कलाकारों, कारीगरों, स्वदेशी और लोक-कलारूपों, कलाकारों और अन्य रचनात्मक चिकित्सकों को समान अवसर प्रदान किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य कला को समावेशी, शैक्षणिक और सुलभ बनाकर, भारत भर में संपन्न कलात्मक समुदायों के विकास को प्रोत्साहित करना है।

उत्सव के अंतिम दिन नूपुर कला मंदिर और भीमामहाराजजी जैसे प्रतिभाशाली स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुति दी।नुपुर कलाकेंद्र की पहली प्रस्तुति में युद्ध में उन्मुक्त शत्रुओं का वध करने को तैयार महिषासुरमर्दिनी की स्तुति की गई।इसके बाद राजस्थानी नृत्य ‘चूड़ी चमके रे’ प्रस्तुत किया गया। तांडव नृत्य में भगवन शिव की रौद्र रूप को प्रस्तुत किया गया।

राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए पर्यटन से बड़ा योगदान प्राप्त करने हेतु आगे भी मांडू फेस्टिवल सभी के लिए इस तरह का समृद्ध अनुभव देता रहेगा।