Rajasthan: पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्र में भी दिख रहा है कड़ाके की ठंड पड़ रही है. वहीं राजस्थान में शीतलहर का कहर जारी है. प्रदेश के कई जिलों में तापमान माइनस मैं पहुंच गया है.

पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. वहीं राजस्थान में शीतलहर का कहर जारी है. प्रदेश के कई जिलों में तापमान माइनस में पहुंच गया है. इसके चलते ओस की बूंदे जम रही हैं. वहीं जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में पिछले 2 दिनों से सर्द हवाओं ने लोगों की कंपकपी छुड़ा दी है. इस भीषण ठंड का असर फसलों पर भी पड़ा है.

रबी की फैसले हुई ख़राब

तस्वीरों में दिख रही जगह कश्मीर नहीं है. ये राजस्थान के रेतीले धोरों की धरती हैं. जहां पर पाला पड़ने से बर्फ जमने लगी हैं. जोधपुर कृषि विभाग के सहायक निदेशक नेमाराम ने बताया कि जिले में कड़ाके की ठंड के साथ ही पाला पड़ने से देचू, शेरगढ़, फलोदी, ओसियां, तिंवरी, मथानिया और लोहावट सहित रेतीले क्षेत्र में किसानों की रबी की फसल खराब होना शुरू हो चुकी है. कृषि विभाग के सहायक निदेशक की नेमाराम ने बताया कि क्षेत्र उनकी अरंडी की फसल को 40 फीसदी खराब हो चुकी है. इसके साथ सरसों और इसबगोल की फसल भी 10 फीसदी से अधिक खराब हो चुकी है.

अगले दो-तीन दिनों में और पाला पड़ने की संभावना है. खराब हो चुकी फसलों का सही आंकड़ा उसके बाद ही सामने आ पाएगा. जोधपुर जिले में किसानों की मिर्च और सब्जियों की फसलों प्रभावित हुई है. वहीं हरी मिर्च की फसल और सब्जियों की फसले भी पाले की चपेट में आ गई हैं. रविवार की सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो वहां किसानों को फसलों पर बर्फ जमीन दिखी खेतों में सिंचाई के लिए रखे उपाय और कोई पर्व की चादर बिछी हुई मिली.

कृषि विभाग ने दी हिदायत

कृषि विभाग ने किसानों को पाले से होने वाली फसलों के खराबे से बचाव आगामी दिनों में पाले की संभावना को देखते हुए किसानों को हिदायत दी है.कृषि विभाग की ओर से कहा गया है कि किसानों को आवश्यकतानुसार फसल की सिंचाई कर देनी चाहिए. इससे मिट्टी का तापमान कम नहीं होता है. साथ ही गंधक को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ फसल पर छिड़काव करने से पाले का असर कम होता है.

 

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