पांच गोल्ड मैडल जीतने वाली हिमा दास पर बरसेगा धन, हो जाएंगी मालामाल

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नई दिल्ली। महीने भर में पांच गोल्ड मेडल जीतने वाली हिमा दास अब अमीर होने जा रही हैं। ब्रांड वेल्यू दोगुनी हो गई है। अब तक सालाना तीस से पैंतीस लाख रुपए कमाती थीं, जो अब साठ लाख रुपए तक पहुंच सकता है। बाजार जानकार नीरव तोमर का कहना है कि ब्रांड वेल्यू का सीधा संबंध प्रदर्शन और खिलाड़ी के प्रचार-प्रसार से है। जब अखबार, टीवी, रेडियो, मैगजीन खिलाड़ी को तवज्जो देते हैं, तो उसकी कमाई भी बढ़ जाती है। क्रिकेटरों के अलावा दूसरे खिलाडिय़ों को इसीलिए कम पैसा मिलता है, क्योंकि उनका प्रचार-प्रसार नहीं हो पाता। खेल और मेहनत के आधार पर वो किसी से पीछे नहीं हैं, लेकिन विज्ञापन वाले उन पर पैसा इसलिए नहीं लगाते, क्योंकि वह नजर नहीं आते हैं।

खूब मिली तवज्जो
हिमा को पिछले महीने में खूब तवज्जो मिली है। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया से ही हुई। टीवी और अखबार वाले तो विश्व कप दिखाने में लगे थे, लेकिन फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप पर अभियान चला कि देश की बेटी पर भी ध्यान दे दो। हमारी चैंपियन टीम तो बाहर हो गई, लेकिन हिमा ने दुनिया में तिरंगा लहरा दिया है। क्रिकेटरों के अलावा दूसरे खिलाडिय़ों की ब्रांड वेल्यू में इजाफा इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि अब हर खेल का ‘आईपीएल’ आ गया है। प्रो-कबड्डी लीग चल रहा है। बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और कुश्ती के भी टूर्नामेंट हो रहे हैं। इसी की वजह से अब ये खिलाड़ी ज्यादा नजर आने लगे हैं। इनकी कमाई भी बढ़ गई है और विज्ञापनों से भी पैसा मिल रहा है।

हिमा की कमाई अब बढ़ेगी
पेप्सिको के मार्केटिंग हेड रहे लायड मेथायस का कहना है कि ग्लोबल प्लेटफार्म पर मिली कामयाबी के बाद हिमा की कमाई अब बढ़ेगी। घडिय़ां, टायर, एनर्जी ड्रिंक, कुकिंग ऑइल और ब्यूटी प्रोडक्ट कंपनियां हिना से बात कर रही हैं। एडिडास सहित दूसरी स्पोटर््स कंपनियां भी हिमा के साथ काम करना चाहती हैं। फिलहाल, सीमेंट की एक बड़ी कंपनी उनके साथ करार करने वाली है। कहा जा रहा है कि धावकों में अब तक इतना बड़ा करार किसी खिलाड़ी ने नहीं किया है। अब देश में माहौल ये है कि कुछ क्रिकेटरों को छोड़ कर विज्ञापन कंपनियां दूसरे खेल के खिलाडिय़ों से डील करना चाहती हैं। यह उन्हें सस्ता पड़ता है और अच्छा रिटर्न भी मिलता है। हिना को धींग एक्सप्रेस और गोल्डन-गर्ल जैसे नाम से पुकारा जा रहा है। ये सब उनके विज्ञापन कैंपेन में इस्तेमाल किया जा सकता है। असम के धींग इलाके में जन्मी हिमा ने खूब गरीबी झेली है। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही ठीक से नहीं आती है।

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