नई दिल्ली। उद्योग संगठ्रन फिक्की ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार बाजार में उपलब्ध तीस प्रतिशत सामान नकली या हूबहू दिखने वाला होता है। इसमें एफएमसीजी प्रोडक्ट से लेकर पर्सनल केयर और वाहनों के कलपुर्जे तक शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में होने वाली 20 फीसदी सडक़ दुर्घटनाएं नकली कलपुर्जों की वजह से होती हैं. ये कलपुर्जे बाजार में असली बताकर बेचे जाते हैं। वहीं एफएमसीजी प्रोडक्ट या पर्सनल केयर प्रोडक्ट मार्केट भी नकली प्रोडक्ट से भरा पड़ा है। बाजार में इन नकली प्रोडक्ट को इस तरह से दिखाया और प्रेजेंटेशन किया जाता है कि ग्राहक धोखे में आ ही जाता है।

रिपोर्ट में बताया गया कि नकली सामान से काफी नुकसान ग्राहक को उठाना पड़ता है। वहीं सरकार को राजस्व हानि उठाना पड़ती है। नकली प्रोडक्ट की भरमार से जालसाजी और तस्करी जैसी चीजें स्थायी समस्या हो गई हैं। इन समस्याओं के चलते सरकार के साथ ही उद्योग, ग्राहकों और अर्थव्यवस्था को काफी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नकली सामान और तस्करी बाजार के चलते सरकार को 39,239 करोड़ रुपये के राजस्व की नुकसान हुआ है। तंबाकू उत्पादों से यह नुकसान 9,139 करोड़ रुपये और  मोबाइल फोन के अवैध कारोबार ने 9,705 करोड़ रुपये का चूना लगाया है. वहीं एल्कोहलयुक्त पेय के अवैध कारोबार ने भी सरकारी खजाने को 6,309 करोड़ रुपये की चपत लगाई है।

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