इस साल मध्यप्रदेश में अप्रैल माह की शुरुआत भीषण गर्मी की जगह बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से हुई है। प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की हालत खराब कर दी है, वहीं कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई है।
शनिवार को ग्वालियर, राजगढ़, श्योपुर, बैतूल और सागर में तेज गति से ओले गिरे। बैतूल के मुलताई में बड़े आकार के ओलों ने सड़को पर सफेद चादर बना दी। ग्वालियर में भी 5 मिनट तक ओलो की बरसात हुई। वहीं सागर में शाम को तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। बेमौसम हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
इस वजह से बदला मौसम
मध्यप्रदेश में मौसम बदलने का मुख्य कारण टर्फ सिस्टम की सक्रियता और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बताया जा रहा है। प्रदेश के बीच से गुजर रही टर्फ लाइन और ऊपर के हिस्से से सक्रीय दूसरी टर्फ के साथ ही उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में मौजूद दो चक्रवाती सिस्टम की वजह से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है।
अगले 24 घंटे इन जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी भोपाल सहित ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया,डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में बारिश होने की संभावना है।
इनके अलावा विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर और शिवपुरी में भी बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है। कटनी, पन्ना, दमोह, मैहर, नीमच, मुरैना, श्योपुर ,सतना में ओले गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।










