मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव रिजल्ट: जीत के बाद भी भाजपा को झेलना पड़ा नुकसान, बढ़ा कांग्रेस का वर्चस्व, आप और एआईएमआईएम ने ली एंट्री

मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के नतीजे भी सामने आ चुके हैं. राजनीति के समीकरण में इस बार आंकड़े कुछ और ही बयान कर रहे हैं.

MP: मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव की तस्वीरें बिल्कुल साफ हो गई है. 16 नगर निगमों में हुए चुनाव में से 9 पर बीजेपी, 5 पर कांग्रेस, 1-1 पर आप और निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है. बीजेपी ने इसे अपनी ऐतिहासिक जीत बताया है लेकिन पिछले बार की तुलना में देखा जाए तो इस बार बीजेपी नुकसान में रही है. क्योंकि मध्य प्रदेश में हुए चुनाव में इस बार आप और AIMIM ने भी एंट्री ले ली है.

पहले चरण के नतीजों में 11 नगर निगमों के चुनाव सामने आए थे. जिसमें इंदौर उज्जैन भोपाल बुरहानपुर खंडवा सागर और सतना में बीजेपी ने अपनी सरकार बनाई थी. जबलपुर ग्वालियर और छिंदवाड़ा में कांग्रेस का दबदबा रहा था. सिंगरौली में आम आदमी पार्टी की मेयर चुनी गई.

दूसरे चरण के नतीजों में कटनी, देवास, रीवा, मुरैना और रतलाम के नतीजे सामने आए हैं. रतलाम और देवास में बीजेपी ने कब्जा जमाया तो वहीं कटनी में बीजेपी के बागी प्रत्याशी की जीत हुई. रीवा और मुरैना में कांग्रेस ने अपनी जीत दर्ज करते हुए कुल 5 निगमों पर अपना कब्जा कर लिया है. जबकि पिछली बार कांग्रेस के खाते में एक भी निगम नहीं गई थी.

नगरी निकाय चुनाव परिणामों के आंकड़े पर नजर डाली जाए तो महाकौशल की 3 सीटों में से बीजेपी को 0, कांग्रेस को 2, निर्दलीय को 1 सीट मिली है. विंध्य की 3 सीटों में से बीजेपी को 1 , कांग्रेस को 1 , आप को 1 सीट मिली है. ग्वालियर-चंबल की 2 सीटों में से बीजेपी को 0, कांग्रेस को 2 सीट मिली है. मालवा की 4 सीटों में से बीजेपी को 4 सीटें मिली है जबकि कांग्रेस का खाता है यहां नहीं खुला. निमाड़ की 2 सीटों में से बीजेपी 2 और कांग्रेस 0 पर रही.

मध्य प्रदेश में बीजेपी को 16 में से 7 मेयर से हाथ धोना पड़ा. विंध्य में भाजपा की जड़ें कमजोर हो गई है और कांग्रेस ने यहां मजबूती ले ली है. महाकौशल में भी बीजेपी की बुरी तरह हार हुई है और कमलनाथ का जादू यहां चल गया है. कहीं ना कहीं इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव पर पड़ने वाला है.

इस नगरी निकाय चुनाव के जरिए आम आदमी पार्टी और AIMIM ने भी अपनी एंट्री का रास्ता ढूंढ लिया है. सिंगरौली में तो मेयर आम आदमी पार्टी का ही चुना गया है. AIMIM एक तरह से कांग्रेस के लिए वोट काटने वाली पार्टी साबित हुई है.

नया टिकट वितरण फार्मूला भी बीजेपी के खिलाफ जाता दिखाई दिया. चंबल में बिना संध्या की मदद से कांग्रेस ने खुद को स्थापित किया. बीजेपी के मेयर कैंडिडेट जरूर हार गए लेकिन पार्षदों को जनता का समर्थन मिला. कई बीजेपी मंत्रियों के इलाके में उन्हें हार झेलनी पड़ी. कुल मिलाकर बीजेपी को इस बार नुकसान झेलना पड़ा है.

कहां कौन बना महापौर

कटनी नगर निगम में बीजेपी की बागी प्रत्याशी जो निर्दलीय के तौर पर खड़ी हुई थी. प्रीति सूरी 5287 वोट से जीत गईं हैं. यहां पर कांग्रेस प्रत्याशी श्रेहा खंडेलवाल और बीजेपी प्रत्याशी ज्योति दीक्षित को हार मिली है.

रतलाम नगर निगम में बीजेपी प्रत्याशी प्रह्लाद पटेल ने 8608 वोट से जीत दर्ज की हैं. कांग्रेस मयंक जाट को हार का मुंह देखना पड़ा.

देवास नगर निगम में बीजेपी प्रत्याशी गीता दुर्गेश अग्रवाल 45 हजार 864 वोट से जीती. कांग्रेस प्रत्याशी विनोदिनी रमेश व्यास जीत दर्ज नहीं कर सकी.

रीवा नगर निगम में 23 साल बाद कांग्रेस ने वापसी की है. कांग्रेस प्रत्याशी अजय मिश्रा की 10228 वोटों से जीत हुई. बीजेपी प्रबोध व्यास को हार का सामना करना पड़ा.

मुरैना नगर निगम में कांग्रेस प्रत्याशी शारदा राजेन्द्र सोलंकी ने 16 हजार वोट से जीत दर्ज करते हुए भाजपा प्रत्याशी मुकेश मीना जाटव को हरा दिया. जब कीजिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का गढ़ है.

उज्जैन, सतना और इंदौर से कांग्रेस के तीनों वर्तमान विधायकों को मेयर पद का प्रत्याशी बनाया गया था जिन्हें हार का सामना करना पड़ा. इंदौर कांग्रेस मेयर प्रत्याशी संजय शुक्ला, सतना से मेयर प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा और उज्जैन से कॉन्ग्रेस महापौर प्रत्याशी महेश परमार को हार का सामना करना पड़ा. यहां भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल 930 वोटों से जीत गए.

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बुरहानपुर नगर निगम में बीजेपी महापौर प्रत्याशी माधुरी अतुल पटेल 538 वोटों से जीती हैं.

छिंदवाड़ा में कांग्रेस प्रत्याशी अहाके ने बीजेपी प्रत्याशी आनंत धुर्वे को 3547 वोट से हरा दिया.

सतना नगर निगम में बीजेपी प्रत्याशी योगेश ताम्रकार ने कांग्रेस के सिद्धार्थ खुशवाहा को 24816 हजार वोट से मात दी.

सागर नगर निगम में बीजेपी प्रत्याशी संगीता तिवारी ने कांग्रेस प्रत्याशी निधि जैन को 12665 वोट से पटखनी दे दी है.

खंडवा नगर निगम में बीजेपी महापौर प्रत्याशी अमृता यादव ने 19 हजार 763 वोट से जीत हासिल की है.

सिंगरौली नगर निगम में आप (आम आदमी पार्टी) प्रत्याशी रानी अग्रवाल ने भाजपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए बाजी अपने नाम कर ली है.

जबलपुर नगर निगम में कांग्रेस प्रत्याशी जगत बहादुर ने 44225 हजार वोट से जीत दर्ज की.

इंदौर नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव 1,33,992 वोटों से आगे रहे और कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला को हार का मुंह देखना पड़ा.

ग्वालियर में कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने बीजेपी प्रत्याशी सुमन शर्मा को 28805 मतों से हरा दिया.

भोपाल नगर निगम में भाजपा की महापौर प्रत्याशी मालती राय 98,800 वोटों से जीत दर्ज की है. कांग्रेस प्रत्याशी विभा पटेल को हार का सामना करना पड़ा.