धार में बंगले जैसी बना दी गोशाला

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धार: यह कोई प्लेस्कूल के फोटोग्राफ्स नहीं हैं और न ही किसी डाक बंगले के, यह है धार जिले के गंधवानी और डेहरी की गौशालाएं। कलेक्टर श्रीकांत बनोठ कहते है जिले में हाल ही में ऐसी 13 गौषालाएं बन चुकी है। अगले साल 18 और बनेंगी। पिछली पशु गणना के मुताबिक जिले में कुल जमा छः लाख 64 हजार गौवंश काउण्ट किए गए थे। इनमें से कोई तीन हजार के लगभग निराश्रित गौवंश है। प्लानिंग है कि आने वाले समय में जिले का एक भी गौवंश निराश्रित नहीं रहे।

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डाॅ डीडी वर्मा ने बताया कि जिले में आगामी वित्तीय वर्ष में 18 गौशालाओं का निर्माण प्रस्तावित है। नवीन गौशाला अन्तर्गत एक एकड़ भूमि में शेड निर्माण किया गया है तथा चार एकड़ भूमि में पशुओ के खाने हेतु हरे चारा बोने की व्यवस्था की गई है। इस तरह कुल पॉंच एकड़ भूमि की नवीन गौशाला हेतु आवश्यकता होती है।

गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने हेतु गोमूत्र, गोअर्क, गौफिनाईल, गौकास्ट, वर्मी कम्पोस्ट और गोबर खाद (जैविक), गौ समाधि खाद निर्माण की भी व्यवस्था की गई है। इससे गौशाला में वर्तमान में चारा भूसा एवं पशु आहार हेतु 89 लाख 14 हजार रूपऐ प्राप्त हुए है। जिसमें से 15 रूपए प्रति पशु प्रतिदिन के मान से चारा भूसा एवं पांच रूपए प्रति पशु प्रतिदिन आहार हेतु नियत किया गया है। इस प्रकार कुल 20 रूपये प्रतिदिन प्रति गोवंश का व्यय प्रावधानित किया गया है।

आत्मनिर्भर होने के पश्चात प्रति गोवंश 30 रूपये प्रतिदिन प्राप्त होगा। इसमें गोकास्ट से छः रूपये और गोमूत्र से 24 रूपये प्रतिदिन प्रति गोवंश प्राप्त किया जा सकता है। कुल 31 गौशालाएं होंगी। वर्तमान में 13 गौशालाएं निर्मित हो चुकी है। इसमें से 1300 निराश्रित गौवंश का विस्थापन किया जा रहा है। इन गौवंश की देखभाल, खानपान हेतु रूपये 15 लाख 60 हजार रूपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। इसके अतिरिक्त जिले में 28 गौशालाएं पूर्व से संचालित है, जिसमें सात हजार 25 गोवंश है । वर्ष 2019 में हुई 20 पशु संगणना के मान से जिले में छः लाख 64 हजार 436 गौवंश है। पूर्व में सम्पन्न 19 वी पशु संगणना जो कि वर्ष 2013 में हुई थी में छः लाख 23 हजार 413 गौवंश थे। जिले में 3135 गौवंश का अनुमान निराश्रित गौवंश के रूप में किया गया है। इस हेतु 31 गौशालाओं की आवश्यकता है। इस प्रकार नवीन 18 गौशालाएं और निर्मित हो जाने उपरांत निराश्रित गौवंश नहीं रहेगा।

उधर कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने बदनावर विकासखण्ड की पाॅंच गौशालाओं के निर्माण के लिए कुल एक करोड़ 38 लाख 6 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इनमें मेहंतपुरा, छोटा कठोडिया, कारोदा, बोरदी तथा कानवन में गौशाला निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक गौशाला के लिए 27 लाख 72 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

‘उदवहन सिंचाई परियोजना’ का शिलान्यास करेंगे 26 फरवरी को

मुख्यमंत्री कमलनाथ 26 फरवरी को धार जिले के ग्राम डही में 1085.20 करोड़ रुपए लागत की माइको उदवहन सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री 26 फरवरी को दोपहर 1.30 बजे भोपाल से हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर तीन बजे डही पहुॅंचेंगे। कार्यक्रम पश्चात वे अपरान्ह 4.30 बजे हेलीकाप्टर से भोपाल रवाना होंगे। उल्लेखनीय है कि इस माईक्रो उद्वहन परियोजना को 48 माह में पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना से धार एवं अलिराजपुर जिले के 106 गांव में लगभग 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। साथ ही, ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल भी उपलब्ध होगा।