चीन समेत दुनिया के अन्य देशों में जैसे जापान, दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए भारत में केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें सतर्क हो गई हैं। बीतें हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना महामारी की समीक्षा की थी। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की। लेकिन इन बैठकों के अलावा आइये जानते है जमीनी स्तर पर महामारी से बचने के लिए क्या आवश्यक कदम उठाये गए।

स्वस्थ्य मंत्रालय दिए ये दिशा निर्देश

स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव डॉ मनोहर अगनानी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों को मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत में कोरोना वायरस के मामले कम हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन का प्रबंधन जरूरी है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को ऑक्सीजन सिलिंडर और लाइफ सपोर्ट उपकरण की पर्याप्त मात्रा भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

इन देशों से आने वाले यात्रियों का होगा RT-PCR टेस्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को बताया कि चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, हांगकांग और थाईलैंड से आने वाली फ्लाइट्स के यात्रियों के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ बातचीत के बाद एयर सुविधा फॉर्म अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन देशों से आने वाले सभी यात्रियों का RT-PCR टेस्ट भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा। लक्षण मिलने या टेस्ट पॉजिटिव आने पर इन यात्रियों को तुरंत क्वारंटीन कर दिया जाएगा।

मंगलवार को देश के सभी अस्पतालों में होगी मॉक ड्रिल

चीन की स्थिति को देखते हुए मंगलवार से देश के सभी अस्पतालों में मॉक ड्रिल की जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा सके। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय नए साल और त्योहारों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। बता दें मॉक ड्रिल के दौरान आइसोलेशन, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड क्षमता का आकलन खास तौर पर किया जाएगा। सभी जिलों की भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, बिस्तर की क्षमता, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन-समर्थित आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर-समर्थित बेड का आकलन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी से नागरिको से की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में लोगों से त्योहारों पर कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने की अपील की थी। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सभी स्तर पर कोविड इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से तैयार रहे।

एक साथ मिलकर लड़ना होगा महामारी से

विश्व स्तर पर COVID के बढ़ते मामलों पर ध्यान देते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र और राज्यों को “मिलकर” और “सहयोग की भावना” में काम करने की आवश्यकता है, जैसा कि पिछले कोरोना वेव के दौरान किया गया था।

राज्य सरकारों ने क्या कदम उठाए हैं?

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर राज्य सरकारें भी अलर्ट हो गई हैं। कर्नाटक सरकार ने पब, बार, रेस्टोरेंट समेत दूसरे इंडोर स्थानों पर लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को सेल्फ-आइसोलेट करने को कहा गया है।वहीं, ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत कई राज्यों ने जिलों में निगरानी और नए मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने को कहा है।

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देश में क्या है कोरोना की स्थिति

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 201 नए मामले सामने आए जबकि किसी भी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई। भारत में अब तक कोरोना वायरस के 4,46,76,879 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 5,30,681 मरीजों को महामारी के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। वहीं, देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 3,397 है जबकि कोरोना वायरस वैक्सीन की 2.2 अरब से अधिक खुराकें लगाई जा चुकी हैं।