जब से कोरोना महामारी आई है, तब से अब तक दुनिया की सरकारों के साथ-साथ जनता की भी मुश्किलें बढ़ गई है। लेकिन इसी बीच कई देशों ने कुछ हद तक महामारी पर काबु पा लिया था। लेकिन चीन अपनी जीरो पॉलिसी की वजह से लोगो को घरों में कैंद कर करके रखा रहा था। फिर इसी बीच वहां पर काफी हलचल देखने को मिली थी। चीन को खोलने के बाद से लोगों का दुकानों पर अधिक संख्या में एक साथ बाहर निकले से वही स्थिति बन गई थी। इसी के साथ एक बार फिर से भारत के साथ-साथ दूसरे देशों की चिंताएं बढ़ गई है।

अब दुनिया में एक बार फिर से ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट BF-7 में म्यूटेशन हुआ है। जो पहले से और शक्तिशाली हो गया है। इससे सभी देशों की मुसीबते बढ़ गई है और सरकारों की चिंताएं बढ़ी हुई है। अब ऑमिक्रॉन का XBB.1.5 वैरिएंट है और यह BQ1 वैरिएंट से 120 गुना तेजी से फैलता है।

मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. माइकल ओस्टरहोम (Dr. Michael Osterholm) के मुताबिक, अमेरिका में कोविड-19 के 40 प्रतिशत से अधिक मामले ओमिक्रॉन XBB.1.5 के कारण फैल रहे हैं। इस वैरिएंट से पीड़ित मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है, XBB.1.5 क्या है? लक्षण क्या हैं? इस बारे में जान लीजिए।

XBB.1.5 वैरिएंट क्या है?

XBB को पहली बार अगस्त में भारत में पहचाना गया था. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज (Andrew Pekosz) के मुताबिक, “XBB.1.5 वैरिएंट में एक अतिरिक्त म्यूटेशन है जो इसे शरीर की कोशिकाओं से बेहतर तरीके से जुड़ जाता है। वायरस को शरीर की कोशिकाओं में कसकर बंधने की जरूरत होती है ताकि वे आसानी से अंदर जाकर संक्रमण फैला सकें।

महामारी विशेषज्ञ एरिक फेगल-डिंग (Eric Feigl-Ding) के अनुसार, यह नया वैरिएंट बीक्यू और एक्सबीबी की तुलना में ज्यादा बेहतर तरीके से शरीर की इम्युनिटी से लड़कर बच निकलने में सक्षम है। नया वैरिएंट बीक्यू और एक्सबीबी की तुलना में इस वैरिएंट की इन्फेक्शन रेट बहुत ज्यादा है।

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वायरोलॉजिस्ट जी कांग (Virologist G Kang) के अनुसार, XXB सभी ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स की तरह है। डेटा से पता चलता है कि XBB15 वैरिएंट BQ1 वैरिएंट की तुलना में 108 प्रतिशत तेज था लेकिन अधिक डेटा प्राप्त होने के बाद यह 120 गुना तेज (खतरनाक) है।

इतना खतरनाक क्यों है ये वैरिएंट?

पेकिंग विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक और सहायक प्रोफेसर, यूनलॉन्ग रिचर्ड काओ (Yunlong Richard Cao) के मुताबिक, XBB.1.5 ना केवल एंटीबॉडी को प्रभावित कर रहा है बल्कि उसे कमजोर भी कर रहा है। कोलंबिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि एक्सबीबी जैसे सब-वैरिएंट्स का आना “वर्तमान कोविड वैक्सीनेशन के असर को कम कर सकता है जिससे संक्रमण के साथ-साथ नए इंफेक्शन में भी वृद्धि हो सकती है।

महामारी वैज्ञानिक एरिक फेगल-डिंग (Eric Feigl-Ding) ने कहा, “मेरे मुताबिक अमेरिका की वैक्सीन बाइवेलेंट BA5 और ब्रिटेन की वैक्सीन बाइवेलेंट BA1 कुछ प्रभावशाली हो सकती है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी क्योंकि XBB15 वैरिएंट BA2 स्ट्रेन का स्पेशल रिकॉम्बिनेशन है. हालंकि यह बात उन्होंने यूके और यूएस की वैक्सीन वुहान 1.0 या बाइवेलेंट वैक्सीन को लेकर कही है।

XXB.1.5 अन्य वैरिएंट से किस तरह अलग है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह वैरिएंट आसानी से इम्युनिटी से लड़कर बचकर निकलने वाले वैरिएंट में से एक है। यह आसानी से इंसानी शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश कर रहा है और हमला करके संक्रमित कर रहा है। यह पुराने XBB या BQ वैरिएंट की तुलना में काफी तेजी से फैल सकता है। अगर कोई इसकी चपेट में आ रहा है तो उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है।

XXB वैरिएंट और उसके सब-वैरिएंट के लक्षण

महामारी वैज्ञानिक के मुताबिक, अमेरिका में फैल रहा XXB.1.5 संभवत रिकॉम्बिनेशन वैरिएंट है जो पुराने XBB की तुलना में 96 फीसदी तेज है। XBB15 के केस सबसे पहले अक्टूबर में न्यूयॉर्क में सामने आए थे।

XXB वैरिएंट के भी अन्य वैरिएंट की तरह कुछ कॉमन लक्षण हैं। एक्सपर्ट ने अमेरिका में इस वैरिएंट से संबंधित प्रमुख लक्षण नाक बहना, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द, छींक, सर्दी, खांसी और कर्कश आवाज बताया गया है।