भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जन-सहयोग से जिले की हर क्लास को स्मार्ट क्लास बना कर आज सीहोर जिले के शिक्षकों ने इतिहास रचा है। शिक्षकों ने अपने खून-पसीने की कमाई से 4 करोड़ 25 लाख रूपए इकट्ठे किए और जिले के 1552 विद्यालयों को 1630 स्मार्ट टीवी प्रदान किए। जिले के जन-प्रतिनिधियों और प्रशासन ने भी इसमें पूरा सहयोग किया।

प्रदेश के विकास में सरकार के साथ समाज के सहयोग का यह अनुकरणीय उदाहरण है। यह अद्वितीय कार्य पूरे प्रदेश को प्रेरणा देगा। मैं आज जिले के अध्यापकों का अभिनंदन करने और उनका धन्यवाद ज्ञापित करने आया हूँ। मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे इसी पवित्र भावना के साथ कार्य करें और प्रदेश के हर विद्यालय को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनाएँ। मैं शिक्षकों के प्रति आदर प्रदर्शित करते हुए उनके महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की घोषणा करता हूँ।

मुख्यमंत्री आज सीहोर जिले की नसरुल्लागंज में “हर शाला-स्मार्ट शाला” कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी साधना सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री ने दानदाता शिक्षकों, जन-प्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के प्रश्नों के समाधानकारक उत्तर दिए और उन्हें प्राणायाम करके बताया। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार हर 20 से 25 किलोमीटर की परिधि में सीएम राइज स्कूल प्रारंभ कर रही है, जो आधुनिक एवं उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा के केंद्र होंगे। इनके लिए आधुनिक लैब, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास आदि सभी सुविधाओं से युक्त भवन बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक भवन की लागत लगभग 35 करोड़ रूपए है। आसपास के गाँवों से विद्यार्थी बसों से इन विद्यालयों में जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बच्चों को शिक्षा के लिए हरसंभव सहायता दिलवा रही है। मेधावी विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत और अधिक अंक लाने पर लेपटॉप प्रदान किया जाता है। अब सरकार दसवीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को भी लेपटॉप दिए जाने का सोच रही है।

उच्च शिक्षा की फीस भी सरकार भर रही है। प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजी पढ़ना चाहिए परंतु इसकी अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए। स्कूलों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त अध्ययन सहायता के लिए मुख्यमंत्री अध्ययन केंद्र खोले जा रहे हैं। प्रदेश में शीघ्र ही 1 लाख 14 हजार सरकारी पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए प्रशिक्षण सुविधा भी सरकार दिलवाएगी।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनके प्रश्नों के समाधानकारक उत्तर दिए। छात्र हरिओम विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि एग्जाम स्ट्रेस को कैसे दूर करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मेहनत करो और परिणामों की चिंता मत करो, मन को शांत रखो, नियमित दिनचर्या रखो और प्रतिदिन योग और प्राणायाम करो। मुख्यमंत्री चौहान ने मंच पर बच्चों को प्रणायाम करके भी बताया। अनुलोम-विलोम, भ्रामरी सहित 5 तरह के प्राणायाम मन को एकाग्र और स्थिर करते हैं और हर प्रकार के तनाव को दूर करते हैं।

छात्रा खुशी परवीन ने मुख्यमंत्री से पूछा कि कम अंक आने पर माता-पिता का सामना कैसे करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम अंक आने पर निराश बिल्कुल मत हों। प्रसन्नचित्त होकर आगे पढ़ाई करें। दुनिया में बहुत कुछ है करने के लिए। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से भी कहा कि उन पर पढ़ाई के लिए दबाव न बनाएँ। छात्र नितिन सोलंकी ने पूछा कि लेपटॉप लेने के लिए कितने घंटे पढ़ाई करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं कि कितने घंटे पढ़ाई की जाए बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि कितना एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई की जाए। यदि पूरे ध्यान से, मन लगा कर पढ़ाई की जाए तो कम समय में भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन का उदाहरण देकर बताया कि वे पूरे ध्यान से पढ़ाई करते थे और जब परीक्षा देने जाते थे तो उन्हें पुस्तकों के पन्ने और शब्द तक दिखाई देते थे।

छात्रा नेहा राठौर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी में कौन-कौन से गुण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह निष्पक्ष रूप से सोचे, उसके अंदर अहंकार न हो, वह कभी धैर्य नहीं खोए, हमेशा उत्साहित रहे और पूरी संवेदनशीलता हों। छात्रा अर्चना विश्वकर्मा ने पूछा कि मामा आप हमेशा इतने ऊर्जावान कैसे रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि व्यक्ति कोई अच्छा कार्य करने की मन में ठान लेता है, दृढ़ इच्छाशक्ति होती है तो ऊर्जा अपने आप अंदर पैदा होती है। मेरे मन में हमेशा यह भाव रहता है कि मुझे प्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता की सेवा करनी है और यही दृढ़ इच्छाशक्ति मुझे निरंतर कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करती है।

उन्होंने अपनी पत्नी साधना सिंह का उदाहरण देकर बताया कि वे जब पचमढ़ी गईं तो वहाँ की बहुत ऊँची चोटी पर स्थित चौरागढ़ मंदिर पर जाने की इच्छाशक्ति ने उन्हें वहाँ तक पहुँचने की शक्ति दी और वे वहाँ पहुँच गईं। मुख्यमंत्री द्वारा दानदाता शिक्षक सर्वश्री अमित कुमार, संजय सक्सेना, बदामी लाल, सुधीर राठौर, जगदीश मेहरा, राजेंद्र दुबे, रामदास बनवारी, आनंद प्रकाश,सीताराम जाट और मधुलिका मिश्रा को सम्मानित किया गया। उन्होंने दानदाता जन-प्रतिनिधियों सर्वश्री गुरु प्रसाद शर्मा, ललित शर्मा, रवि मालवीय, धीरज पटेल, दिनेश शर्मा, श्रीमती रेनू अवध पटेल, पार्वती भाटी, वीरेंद्र राजपूत, शिव प्रसाद पवार, राम बाबू, श्रीमती सीमा शर्मा और वीरेंद्र राजपूत को सम्मानित किया।

उन्होंने समाजसेवी सर्वश्री संतोष वर्मा, शक्ति सिंह तोमर, जितेंद्र माहेश्वरी, विनय यादव, कैलाश मालवीय, उमेश सिंह धुर्वे, माधव सिंह आजाद, लक्ष्मी नारायण मीणा और नरेंद्र परिहार को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने “हर शाला-स्मार्ट शाला” अभियान में सर्वप्रथम सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने के लिए नसरुल्लागंज विकासखंड को पुरस्कृत किया। अभियान में सर्वप्रथम हर विद्यालय को स्मार्ट क्लास विद्यालय बनाने के लिए जन शिक्षा केंद्र सोयत को पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री ने जिले में 10वीं कक्षा में सर्वाधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी ओमेश व्यास एवं 12वीं कक्षा में सर्वाधिक अंक लाने पर कुमारी दिव्या रावत को सम्मानित किया।

चित्रकला प्रतियोगिता में मयूर शर्मा, कुमारी वैष्णवी बैरागी और पीयूष गोस्वामी को पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने जिले में 10वीं एवं 12वीं कक्षा में सर्वाधिक अंक लाने वाले टॉप 10 बच्चों को 50-50 हजार रूपए का पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने जिले में सर्वश्रेष्ठ परिणाम लाने वाले 10 विद्यालयों को 5-5 लाख रूपये पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में बेटियों का पूजन किया। स्वागत भाषण सांसद रमाकांत भार्गव ने दिया। विधायक करण सिंह वर्मा, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत, जन-प्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।