राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 10वीं और 12वीं परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

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By Abhishek SinghPublished On: January 23, 2026

राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। ये 2024 एवं 2025 के टॉप 10 मेधावी और विशेष पिछडी जनजाति के टॉप 01 विद्यार्थी है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित इस प्रतिभा सम्मान समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाएं हमारे जीवन के लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रथम सीढ़ी है। आपने एक पड़ाव पार किया है अब अगले पड़ाव की ओर जा रहे है। जहां एक ओर इस सफलता की प्रेरणा आपको नवीन ऊर्जा के साथ प्रगति का रास्ता प्रशस्त करती है और वहीं यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों को मेहनत, लगन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपार संभावनाओं का प्रदेश है। ‘‘धान का कटोरा‘‘ कहा जाने वाला हमारा राज्य अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति बहुत उन्नत है। हमें अपने राज्य की सनातन संस्कृति पर गर्व का भाव होना चाहिए।

डेका ने कहा कि विद्यार्थी आईआईटी, नीट की परीक्षा देकर इंजीनियरिंग और मेडिकल मे जाना चाहते है लेकिन सभी को सफलता नहीं मिलती है। इसके लिए निराश होने की जरूरत नहीं हैं। नए-नए विषय है जहां आप कैरियर की ऊची उड़ान भर सकते है। धैर्य के साथ आगे बढ़े। गिरना बडी बात नहीं है गिर कर खड़े होना महत्वपूर्ण है। सपना बड़ा होना चाहिए। सपनें को पूरा करने के लिए साधना और अभ्यास करना होता है। उन्होंने मौलिकता और नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बच्चें शिक्षा में आगे बढ़ रहे है, यह बहुत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी हमारे देश एवं प्रदेश के भविष्य हो। आप लोगों के कंधे पर देश की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आज जो सफलता आप सभी छात्रों को मिली है निश्चित ही इस सफलता के पीछे आपके शिक्षक गुरुओं एवं माता पिता के आशीर्वाद है। उनके आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने सभी प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन और बसंत पंचमी पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा हम सब पर सदैव मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहें।