चीन में सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने गहने बेचने के लिए आगे आ रहे हैं। बढ़ती कीमतों का फायदा उठाने के लिए लोग इसे एक “सुनहरा अवसर” मान रहे हैं। इसी क्रम में शंघाई सहित कई बड़े शहरों में ज्वेलरी बाजारों और मॉल्स में गहने बेचने वालों की भीड़ देखने को मिल रही है।
शंघाई के एक प्रमुख मॉल में स्थापित विशेष गोल्ड-सेल मशीन के सामने लंबी कतारें लग रही हैं, जहां लोग अपने पुराने आभूषण बेच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की बढ़ती मांग ने कीमतों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया है, जिससे निवेशकों के साथ-साथ आम लोगों की भी सक्रियता बढ़ गई है।
ATM जैसी मशीन से सोना बेचने की सुविधा
किंगहुड ग्रुप ने शंघाई के एक मॉल में अनोखी मशीन लगाई है। यह ATM की तरह काम करती है। इसमें सोने के गहने या अन्य वस्तुएं डालने पर मशीन वजन और शुद्धता जांचती है। फिर तुरंत नकदी निकाल देती है।
इस मशीन के आसपास भारी भीड़ जमा हो रही है। कुछ लोग एक घंटे से ज्यादा समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कंपनी के कर्मचारी लोगों की मदद कर रहे हैं। वे लाइन में खड़े होने और गहने सही जगह रखने में सहायता दे रहे हैं।

रिकॉर्ड कीमतों ने बदली सोच
29 जनवरी को चीन में एक औंस सोने की कीमत 5,600 डॉलर तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे ऊंची कीमत थी। इसके बाद चीनी नागरिकों ने सोना बेचना शुरू कर दिया। चीन दुनिया में सोने का सबसे बड़ा खरीदार है। भारत की तरह वहां भी जन्म और शादी जैसे मौकों पर सोना खरीदा जाता है। लेकिन अब कीमतें बढ़ने से लोग बेचने में फायदा देख रहे हैं।
पुरानी यादों को भी बेच रहे लोग
एक 54 वर्षीय महिला अपनी बेटी के जन्म पर खरीदे सोने के सिक्के बेचने आई थी। वह अपने दिवंगत पिता से मिली अंगूठी भी बेच रही थी। उस अंगूठी की मौजूदा कीमत लगभग 10,000 युआन यानी करीब 1.3 लाख रुपये है। उनकी मां ने इसे दशकों पहले मात्र 1,000 युआन में खरीदा था। महिला ने बताया कि उनकी बुजुर्ग मां सोने की बढ़ती कीमतों से बहुत खुश हैं।
एक अन्य व्यक्ति अपने दिवंगत दादाजी की अंगूठी बेचने आया। उनके दादाजी ने यह अंगूठी 1950 से 1980 के बीच खरीदी थी। उसने कहा कि सोने की कीमत अच्छी होने के कारण वह इसे बेच रहा है।
भारत में सोने के भाव पर असर
भारत में भी हाल के दिनों में सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। पिछले दो-तीन दिनों में प्रति ग्राम सोने की कीमत 2000 से 3000 रुपए रुपये गिरी है। इससे निवेशक चिंतित हैं। सोने और चांदी की कीमतों में अंतर बढ़ा है। कई निवेशकों ने सोने में निवेश कम कर दिया है। वे कीमतों की अस्थिरता से परेशान हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में भी ऐसी प्रवृत्ति देखने को मिल सकती है। अगर कीमतें ऊंची रहीं तो लोग पुराने गहने बेच सकते हैं। इससे बाजार में सोने की आपूर्ति बढ़ेगी। लोगों द्वारा पुराने सोने की बिक्री से कीमतों में और उतार-चढ़ाव आ सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
निवेशकों के लिए सलाह
सोने में निवेश करने वालों को फिलहाल सावधानी बरतनी चाहिए। कीमतों में अस्थिरता जारी है। जल्दबाजी में कोई फैसला लेना नुकसानदेह हो सकता है। चीन में जो हो रहा है उससे वैश्विक सोने की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। भारतीय बाजार पर भी इसका असर पड़ना तय है।











