गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले राज्य में पुरानी पेंशन योजना ने हलचल मचाकर रखी है। एक तरफ कांग्रेस ने सत्ता में आते ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर इसे लागू करने का वादा किया है। वहीं दूसरी ओर AAP संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान करके सियासी हलचल तेज कर दी है।

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केजरीवाल ने ऐलान किया है कि सरकारी कर्मचारियों की हमेशा से एक ही मांग थी कि पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। गुजरात में AAP की सरकार बनते ही पुरानी पेंशन स्कीम जारी कर दी जाएगी। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में भी पुरानी पेंशन लागू करने का वादा किया था, पंजाब सरकार ने 18 नवंबर को इस स्कील को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

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पुरानी पेंशन के कई फायदे

आपको बता दें कि OPS के तहत रिटायरमेंट के समय कर्मचारी के वेतन की आधी राशि पेंशन के तौर में दी जाती है, क्योंकि OPS में पेंशन का निर्धारण सरकारी कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी और महंगाई दर के आंकड़ों के हिसाब से होता है। इसमें पेंशन के लिए कर्मचारियों की सैलरी से कोई पैसा कटने का प्रावधान नहीं है, इसका भुगतान सरकार की ट्रेजरी की ओर से होता है। पुरानी पेंशन स्कीम में 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी, रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को पेंशन और जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF का फायदा मिलता है। वही जब सरकार नया वेतन आयोग लागू करती है, तो भी इससे पेंशन में वृद्धि होती है।