बंद पेपर मिलों के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, राहत पैकेज का वितरण हुआ शुरू, मुख्यमंत्री ने की ये घोषणा

असम सरकार ने यह कदम पिछले 5 से 6 वर्षों से मिलो के संचालन न होने के कारण पूर्व कर्मचारियों, कामगारों और उनके परिवारों को होने वाली कठिनायों को देखते हुए लिया गया है। इस राहत पैकेज के जरिए 25 करोड़ रूपए के वित्तीय परिव्यय के साथ एक ट्रस्ट भी बनाया जाएगा।

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा ने गुरुवार को बड़ी घोषणा की है। दरअसल सरकार द्वारा संचालित हिंदुस्तान पेपर कॉरपोरेशन लिमिटेड के नगांव पेपर मिल और कछार पेपर मिल के 2751 पूर्व कर्मचारियों और कामगारों को राहत पैकेज के वितरण का कार्य शुरू किया है। इस दौरान गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार के मानवीय इशारे के तहत राहत पैकेज का वितरण शुरू किया है। इस दौरान राहत पैकेज की कुल लागत 810.02 करोड़ रूपए होगी। जिससे दो बंद पेपर मिलो के 2751 कर्मचारी इससे लाभांवित होंगे। इसमें करीब 2003 नियमित कर्मचारी , 748 संविदा कर्मचारी शामिल है। हैलाकांडी जिले में एचपीसीएल की कछार पेपर मिल में उत्पादन 20 अक्टूबर 2015 को बंद हो गया था। तो वही मोरीगांव के जगीरोड में नौगांव पेपर मिल 13 मार्च 2017 को बंद हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार ने यह कदम पिछले 5 से 6 वर्षों से मिलो के संचालन न होने के कारण पूर्व कर्मचारियों, कामगारों और उनके परिवारों को होने वाली कठिनायों को देखते हुए लिया गया है। इस राहत पैकेज के जरिए 25 करोड़ रूपए के वित्तीय परिव्यय के साथ एक ट्रस्ट भी बनाया जाएगा। इसका उपयोग चिकित्सा लाभ, शैक्षिक सहायता, पूर्व कर्मचारियों और कामगारों की सामाजिक सहायता जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि असम सरकार कछार पेपर मिल की भूमि पर एक नई पेपर मिल खोलने का प्रयास करेगी है। साथ ही नगांव पेपर मिल की भूमि का उपयोग राजधानी क्षेत्र के विस्तार के लिए किया जाएगा। राज्य सरकार ने मिलो के 84 पात्र पूर्व कर्मचारियों को रोजगार देने के लिए भी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने करीब 66 कर्मचारियों को इस अवसर पर नियुक्ति पत्र भी वितरित किया।