भुवनेश्वर। भारतीय जनता पार्टी को ओडिशा में बड़ा झटका लगा है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग और उनके बेटे शिशिर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। गिरिधर गमांग ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना इस्तीफा भेजा है। गिरिधर गमांग ने आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी में ‘अपमान’ का सामना करना पड़ा है।

संवाददाताओं से पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग ने कहा, ‘‘मैं निंदा तो सहन कर सकता हूं, लेकिन अपमान नहीं।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हु। गिरिधर गमांग ने अपने इस्तीफे में कहा, मैंने महसूस किया कि मैं पिछले कई सालों के दौरान ओडिशा में अपने लोगों के लिए राजनीतिक, सामाजिक और नैतिक कर्तव्य का निर्वहन करने में असमर्थ हूं। इसलिए, मैं तत्काल प्रभाव से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं. कृपया इसे स्वीकार करें।

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कांग्रेस छोड़ने के बाद 2015 में भाजपा में शामिल हुए पिता-पुत्र की जोड़ी ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा की। जानकारी के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग और उनके बेटे शिशिर रविवार को हुई भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे।

जानकारी के लिए आपको बता दे कि, गिरिधर गमांग नौ बार सांसद रह चुके है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पी. वी. नरसिम्हा राव की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे गमांग 1999 में ओडिशा के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने 2015 में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे। जानकारी के मुताबिक अब गमांग के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में शामिल हो सकते हैं।