भोपाल लोकायुक्त ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिसमें उन्होंने रिश्वत लेते रंगे हाथ सहायक जेल अधीक्षक को पकड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार क्या पूरा मामला सीहोर जिले के अंतर्गत आने वाली नसरुल्लागंज का है। जहां पर कार्यरत सहायक जेल अधीक्षक महावीर सिंह बघेल नसरुल्लागंज जेल में बंद लोगों को आरामदायक सुविधा देने के एवज में 20-20 हजार की रिश्वत ले रहे थे।

मिली थी शिकायत
बता दें कि सहायक जेल अधीक्षक महावीर सिंह बघेल आवेदक के साले रामनिवास उर्फ भूरा एवं अन्य चार लोगो को जेल में किसी भी तरह की कोई भी समस्या ना हो इसके एवज में पैसे ले रहा था। इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 5 जनवरी को अचानक आवेदन अर्जुन पावर पिता बाबूलाल पवार निवासी बजरंगकुटी नसरुल्लागंज जिला सीहोर ने इस पूरे मामले से जुड़ी जानकारी पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल को दी थी।

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इसके बाद जब इस मामले की जांच की गई तो पाया गया कि महावीर सिंह बघेल की छवि एक भ्रष्ट अधिकारी की है। वहीं रिश्वत लेने शिकायतकी उसे सही पाते हुए भोपाल लोकायुक्त ने इस कार्यवाही को अंजाम दिया। वहीं इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल के निर्देशन पर गुरुवार को डीएसपी सलिल शर्मा के नेतृत्व में ट्रेपकर्ता अधिकारी निरीक्षक घनश्याम मार्सकोले,, निरीक्षक आशीष भट्टाचार्य, निरीक्षक मयूरी गौर की टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से आरोपी सहायक जेल अधीक्षक महावीर सिंह बघेल को उनके जेल परिसर के समीप स्थित शासकीय आवास पर जेल प्रहरियों व द्वारपाल को चकमा देकर कुशलतापूर्वक 20,000 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया।