भोपाल। मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केदार शंकर सिरोही द्वारा लम्पी वायरस से प्रदेश में पशु धन की मृत्यु का मुद्दा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समक्ष उठाया गया था। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कहा कि मध्य प्रदेश में 26 जिलों में लंबी वायरस की बीमारी से बहुत पशुओं की मृत्यु हो रही है।

पशुपालन विभाग के अधिकांश पशु चिकित्सक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। प्रदेश के कई समाचार पत्रों एवं न्यूज़ चैनलों में वर्ष 2021 में इस बात का खुलासा भी हुआ था कि पशुपालन विभाग अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है एवं यहां का अमला जुगाड़ करके पिछड़ा वर्ग विभाग में चले गया है।

सिरोही का कहना है कि जिन पशु चिकित्सकों को फील्ड पर होना चाहिए वह पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ है। पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सकों की कमी होने के बाद भी विभाग ने उन्हें किन आधार पर प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभाग पर पदस्थ करने की अनुमति प्रदान की है ?

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आज प्रदेश के हजारों बेजुबान पशु इस महामारी से ग्रसित है और विभाग के शीर्ष अधिकारी आंखें बंद किए हुए हैं। दिग्गविजय सिंह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि मध्यप्रदेश में तेजी से फैल रहे लंबी वायरस पर शीघ्र नियंत्रण करने के लिए अन्य विभागों एवं पिछड़ा वर्ग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ पशु चिकित्सकों की सेवाएं विभाग को वापस करते हुए इस महामारी से बेजुबान पशुओं को बचाने का कष्ट करें।